फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Independence Day: केसीआर ने केंद्र पर साधा निशाना, कहा- मुफ्त कहकर कल्याणकारी योजनाओं का अपमान कर रही सरकार

Mon, 15 Aug 2022 05:01 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद

सार

तेलंगाना राष्ट्र समिति के प्रमुख राव ने एनडीए सरकार पर आरोप लगाया कि वह संघीय मूल्यों को नुकसान पहुंचा रही है और राज्यों को वित्तीय रूप से कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार शक्तियों को केंद्रीकृत कर रही है।
विज्ञापन
तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव - फोटो : फेसबुक/केसीआर
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने 'मुफ्त' योजनाओं को लेकर सोमवार को केंद्र की सत्तारूढ़ भाजपा पर तंज कसा। राव ने आरोप लगाया कि सरकार मुफ्त कहकर कल्याणकारी योजनाओं का अपमान कर रही है। 
विज्ञापन

 
'राज्यों को आर्थिक रूप से कमजोर बना रही एनडीए सरकार'
सत्तारूढ़ तेलंगाना राष्ट्र समिति के प्रमुख राव ने एनडीए सरकार पर आरोप लगाया कि वह संघीय मूल्यों को नुकसान पहुंचा रही है और राज्यों को आर्थिक रूप से कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार शक्तियों को केंद्रीकृत कर रही है। 

केसीआर ने केंद्र पर दूध और कब्रिस्तानों के निर्माण सहित विभिन्न उत्पादों पर टैक्स लगाकर गरीब और मध्यम वर्ग पर भारी बोझ डालने का आरोप लगाया। 

'लोगों का कल्याण सरकारों की प्राथमिक जिम्मेदारी'
मुफ्त ऑफरों को लेकर खड़े विवाद पर मुख्यमंत्री ने कहा, लोगों का कल्याण सरकारों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने केंद्र उस जिम्मेदारी को ठीक से पूरा न करने के लिए दोषी है। उन्होंने कहा कि केंद्र मुफ्त कहकर कल्याणकारी योजनाओं का अपमान कर रहा है। 
विज्ञापन


ऐतिहासिक गोलकुंडा किले में राष्ट्रीय ध्वज फहराने केबाद अपने स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में राव ने कहा कि देश के संविधान निर्माताओं ने इसलिए एक संघीय ढांचा तैयार किया था, क्योंकि वे चाहते थे कि केंद्र और राज्य मिलकर प्रगति की यात्रा का नेतृत्व करें। 

'संघीय मूल्यों को चोट पहुंचा रही वर्तमान केंद्र सरकार'
उन्होंने कहा, दिल्ली की वर्तमान केंद्र सरकार संघीय मूल्यों को चोट पहुंचा रही है। केंद्र उन साजिशों में शामिल है जो राज्यों को आर्थिक रूप से कमजोर करते हैं। उन्होंने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस शाखा पर बैठे हैं, उसे काट रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राज्यों को केंद्र सरकार द्वारा इकट्ठा किए गए टैक्स के माध्यम से अर्जित राजस्व में 41 फीसदी हिस्सा मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र 41 फीसदी के मुकाबले केवल 29.6 फीसदी हिस्सा देकर राज्यों के साथ अन्याय कर रहा है। 

उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार जो सहकारी संघवाद के आदर्शों की बात करती है, वह वास्तव में शक्तियों के केंद्रीकरण में लिप्त है। उन्होंने तीन विवादास्पद कृषि कानूनों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि केंद्र ने बिना राज्यों के परामर्श के समवर्ती सूची में मुद्दों पर निर्णय लिए। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें