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Viral Video: नामीबिया से जिस विमान में आए चीते, उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, देखें अंदर की फुटेज

Sat, 17 Sep 2022 08:09 PM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में बोइंग 747 के अंदर का हिस्सा दिखाया गया है। जिसमें चार बॉक्स प्लेन के एक हिस्से में रखे हैं जिसमें चीते हैं।
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चीता - फोटो : पेक्सेल्स
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विस्तार
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भारत से विलुप्त हो चुके चीते 70 साल बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर नामीबिया से लाए गए। नामीबिया से आठ चीते भारत आए हैं। इनमें पांच मादा और तीन नर है। इनकी उम्र चार से छह साल है। चीतों को बोइंग 747 से भारत लाया गया। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें विमान के अंदर पिजरों में चीतों को दिखाया गया है।

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चार बॉक्स प्लेन में रखे हैं जिसमें चीते हैं
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल एक वीडियो में बोइंग 747 के अंदर का हिस्सा दिखाया गया है। जिसमें चार बॉक्स प्लेन के एक हिस्से में रखे हैं जिसमें चीते हैं। इसे भारत में विमान के उतरने से कुछ क्षण पहले शूट किया गया है। चीता भारत में खुले जंगल और घास के मैदान के पारिस्थितिकी तंत्र को बहाल करने में मदद करेंगे।



नामीबिया से भारत लाए गए चीतों को प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में बॉक्स खोलकर तीन चीतों को क्वारंटीन बाड़े में छोड़ा। पीएम मोदी ने कहा कि सात दशक पहले विलुप्त होने के बाद देश में चीतों को फिर से लाया गया है, पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण की दिशा में काम करने का हमारा प्रयास है। 
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पीएम बोले-दशकों पहले जैव-विविधता की टूट गई थी कड़ी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कूनो नेशनल पार्क में नामीबिया से आए चीतों को छोड़ने के बाद देश को संबोधित किया। उन्होंने कहा, दशकों पहले जैव विविधता की सदियों पुरानी जो कड़ी टूट गई थी, आज हमें उसे फिर से जोड़ने का मौका मिला है। आज भारत की धरती पर चीते लौट आए हैं। इन चीतों के साथ ही भारत की प्रकृतिप्रेमी चेतना भी पूरी शक्ति से जागृत हो उठी है। 

पीएम ने कहा कि मैं हमारे मित्र देश नामीबिया और वहां की सरकार का भी धन्यवाद करता हूं, जिसके सहयोग से दशकों बाद चीते भारत की धरती पर वापस लौटे हैं। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्य रहा कि हमने 1952 में चीतों को देश से विलुप्त तो घोषित कर दिया, लेकिन उनके पुनर्वास के लिए दशकों तक कोई सार्थक प्रयास नहीं हुआ। आज आजादी के अमृतकाल में अब देश नई ऊर्जा के साथ चीतों के पुनर्वास के लिए जुट गया है। जब प्रकृति और पर्यावरण का संरक्षण होता है तो हमारा भविष्य भी सुरक्षित होता है। विकास और समृद्धि के रास्ते भी खुलते हैं। पीएम ने कहा कि कूनो नेशनल पार्क में जब चीता फिर से दौड़ेंगे तो यहाँ का पारिस्थितिकी तंत्र फिर से मजबूत होगा और जैव विविधिता बढ़ेगी। 

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