AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मैंने नेवी को मुबारकबाद दिया। INS विक्रांत स्वदेशी विमान वाहक जिसका कमीशन आज प्रधानमंत्री ने अपने हाथों से किया उसका लॉन्च 2013 में हुआ था। हमें ये भी सोचना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार तीसरे विमान वाहक की इजाजत क्यों नहीं दे रही है?
उन्होंने कहा कि नेवी में हमें 200 जहाज की जरूरत है हमारे पास बस 130 हैं इसकी इजाजत प्रधानमंत्री क्यों नहीं दे रहे हैं? इसकी इजाजत इसलिए नहीं दे रहे हैं क्योंकि उन्होंने भारत की अर्थव्यवस्था को अपनी नीतियों से बर्बाद कर दिया है। उनके पास पैसे नहीं हैं।
इस बीच कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भारतीय नौसेना, नौसेना डिजाइन ब्यूरो और कोचीन शिपयार्ड को स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित पहले विमानवाहक पोत के लिए बधाई दी। राहुल ने इसे देश की समुद्री सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
राहुल गांधी ने ट्विटर पर विमानवाहक पोत की एक तस्वीर साझा करते हुए कहा कि भारतीय नौसेना, नौसेना डिजाइन ब्यूरो और कोचीन शिपयार्ड को कई वर्षों की कड़ी मेहनत के लिए बहुत-बहुत बधाई, जिसने आईएनएस विक्रांत के सपने को साकार किया है। भारत का पहला स्वदेश निर्मित विमानवाहक पोत, विक्रांत भारत की समुद्री सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
इससे पहले भारत ने शुक्रवार को अपना पहला स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत लॉन्च किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस युद्धपोत को देश को समर्पित किया। पीएम मोदी ने आईएनएस विक्रांत को शामिल करने के लिए एक पट्टिका का अनावरण किया, जिसका नाम इसके पूर्ववर्ती के नाम पर रखा गया है। इसने 1971 के भारत-पाक युद्ध में नौसेना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
विक्रांत के शामिल होने के साथ, भारत अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, चीन और फ्रांस जैसे देशों के एक चुनिंदा क्लब में शामिल हो गया है, जिसमें स्वदेशी रूप से एक विमान वाहक डिजाइन और निर्माण करने की विशिष्ट क्षमता है।
राहुल गांधी को तिरंगा सौंपेंगे तमिलनाडु के मुख्यमंत्री
कांग्रेस नेता राहुल गांधी सात सितंबर को भारत जोड़ो यात्रा शुरू करने से पहले श्रीपेरंबदूर में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के स्मारक पर एक प्रार्थना सभा में शामिल होंगे। इसके साथ ही वह कन्याकुमारी में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। यहां तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन उन्हें राष्ट्र ध्वज सौंपेंगे।