सार
समंदर में भारत के दुश्मनों के लिए डर का दूसरा नाम आईएनएस तमाल आज आधिकारिक रूप से भारतीय नौसेना का हिस्सा बन जाएगा। आईएनएस तमाल अब तक का सबसे घातक भारतीय युद्धपोत माना जा रहा है। कारण है कि ये एक महज युद्धपोत नहीं बल्कि समंदर में तैनात एक घातक योद्धा है। इसका नाम भगवान इंद्र की पौराणिक तलवार पर रखा गया है और इसकी मारक क्षमता भी उसी की तरह तेज, आक्रामक और निर्णायक है।
भारतीय नौसेना की ताकत में आज एक और नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। इसके तहत रूस के कालिनिनग्राद शहर में बना नया स्टेल्थ युद्धपोत आईएनएस तमाल मंगलवार शाम भारतीय नौसेना में आधिकारिक तौर पर शामिल किया जाएगा। यह वो आखिरी युद्धपोत है जिसे भारत ने विदेशी जमीन पर बनवाया है। बात अगर इसके बाद की करें तो इसके बाद सभी युद्धपोत देश में ही बनेंगे। बता दें कि आईएनएस तमाल को नौसेना के पश्चिमी कमान के प्रमुख वाइस एडमिरल संजय जे. सिंह की मौजूदगी में कमीशन किया जाएगा। इस मौके पर भारत और रूस के कई रक्षा अधिकारी मौजूद रहेंगे।
क्या है आईएनएस तमाल की ताकत?
अब बात अगर आईएनएस तमाल की ताकत की करें तो तमाल महज एक युद्धपोत नहीं बल्कि समंदर में तैनात एक घातक योद्धा है। इसका नाम भगवान इंद्र की पौराणिक तलवार पर रखा गया है और इसकी मारक क्षमता भी उसी की तरह तेज, आक्रामक और निर्णायक है। यह स्टेल्थ फ्रिगेट आधुनिकतम हथियारों और उन्नत तकनीक से लैस है, जो इसे दुश्मन के लिए एक समुद्री शिकारी बनाता है। इसकी सबसे बड़ी ताकत है ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल, जो जमीन और समंदर में दूर बैठे लक्ष्य को कुछ ही सेकंड में तबाह कर सकती है।
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सुरक्षा के मामले में भी ज्यादा सक्षम
साथ ही जहाज पर तैनात नई पीढ़ी की वर्टिकल लॉन्च सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें इसे हवाई हमलों से पूरी सुरक्षा देती हैं। वहीं, एंटी-सबमरीन रॉकेट और टॉरपीडो किसी भी पनडुब्बी खतरे को खत्म करने में सक्षम हैं। वहीं 100 मिमी की पावरफुल तोप और 30 मिमी की क्लोज-इन वेपन सिस्टम (सीआईडब्ल्यूएस) नजदीकी खतरों का त्वरित और सटीक जवाब देने में सक्षम हैं। साथ ही, जहाज पर मौजूद सोनार सिस्टम और अत्याधुनिक रडार हर गतिविधि पर पैनी नजर बनाए रखते हैं।
इतना ही नहीं तमाल की ताकत यहीं खत्म नहीं होती है। इसके डेक से मल्टी-रोल हेलिकॉप्टर उड़ान भर सकते हैं, जो हवा से निगरानी और हमला दोनों में इसका दायरा कई गुना बढ़ा देते हैं। इन सभी खूबियों के साथ, INS तमाल भारतीय नौसेना की रणनीतिक शक्ति को नई ऊंचाई देगा और समंदर में भारत की मौजूदगी को और भी आक्रामक, सटीक और भरोसेमंद बनाएगा।
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आत्मनिर्भर भारत अभियान का बेहतरीन उदाहरण
इस
जहाज का प्रतीकचिह्न एक भालू है, जो भारतीय पौराणिक पात्र जाम्बवंत और रूस के राष्ट्रीय पशु यूरेशियन ब्राउन बेयर का मेल है। जहाज का आदर्श वाक्य है.. सर्वदा सर्वत्र विजय यानी हर समय और हर जगह दुश्मनों के छक्के छुड़ाकर जीत हासिल करना। गौरतलब है कि आईएनएस तमाल अब भारतीय नौसेना के पश्चिमी बेड़े यानी स्वॉर्ड आर्म का हिस्सा बनेगा और भारत की समुद्री शक्ति को और मजबूत करेगा। यह युद्धपोत भारत-रूस की दोस्ती और आत्मनिर्भर भारत अभियान का बेहतरीन उदाहरण है।