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INS Anjadip: भारतीय नौसेना में शामिल होगा 'डॉल्फिन हंटर'; जानें क्या है इसकी खासियत

Wed, 25 Feb 2026 12:21 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

भारतीय नौसेना में जल्द ही आईएनएस अंजदीप शामिल होने वाला है। आइए जानते हैं इसकी खासियत 
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पनडुब्बी रोधी युद्धपोत अंजदीप - फोटो : ANI Photos
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विस्तार
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आईएनएस अंजदीप  27 फरवरी को भारतीय नौसेना में शामिल होगा। यह पनडुब्बी रोधी युद्ध उथले जल नौका परियोजना के तहत निर्मित किए जा रहे आठ जहाजों में से यह तीसरा जहाज है। नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी शुक्रवार को होने वाले कमीशनिंग समारोह में भाग लेंगे। बुधवार को एक आधिकारिक विज्ञप्ति में यह कहा गया है कि कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स द्वारा निर्मित अंजदीप एक अत्याधुनिक पोत है, जिसे विशेष रूप से देश की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण तटीय और उथले जल क्षेत्रों के तटीय युद्ध वातावरण की चुनौतियों का सामना करने के लिए डिजाइन किया गया है।  

 

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क्या है खासियत 

  • 77 मीटर लंबे इस जहाज में एक हाई-स्पीड वाटर-जेट प्रोपल्शन सिस्टम लगा है, जो इसे त्वरित प्रतिक्रिया और निरंतर संचालन के लिए है। यह  25 समुद्री मील की अधिकतम गति प्राप्त करने में सक्षम बनाता है। यह पोत 'डॉल्फिन हंटर' के रूप में कार्य करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य तटीय क्षेत्रों में दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाना, उनका पीछा करना और उन्हें निष्क्रिय करना है।
  • विज्ञप्ति में कहा गया है कि जहाज स्वदेशी, अत्याधुनिक पनडुब्बी रोधी युद्धक हथियारों और सेंसर पैकेज से सुसज्जित है, जिसमें पतवार पर लगा सोनार अभय भी शामिल है। यह हल्के टॉरपीडो और पनडुब्बी रोधी रॉकेटों से लैस है।

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तटीय क्षेत्र को मिलेगी मजूबती

विज्ञप्ति में कहा गया है कि 'अंजदीप' नामक जहाज को नौसेना में शामिल करने से भारत के विशाल समुद्री हितों और तटीय तमिलनाडु और पुडुचेरी क्षेत्र की रक्षा करने की नौसेना की क्षमता को बल मिलता है, जिसका नाम कारवार (उत्तरी कर्नाटक में अरब सागर में स्थित द्वीप) के नाम पर रखा गया है। इसमें आगे कहा गया है कि पनडुब्बी रोधी युद्ध की भूमिका के अलावा, युद्धपोत तटीय निगरानी, कम तीव्रता वाले समुद्री अभियानों और खोज एवं बचाव अभियानों को अंजाम देने के लिए भी सुसज्जित है।

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