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Operation Sindoor: राहुल गांधी बोले- 'पाकिस्तान को पहले सूचना देना अपराध', विदेश मंत्रालय ने दी प्रतिक्रिया

Sat, 17 May 2025 06:10 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

राहुल गांधी ने विदेश मंत्री एस जयशंकर का एक वीडियो सोशल मीडिया एक्स पर साझा कर केंद्र पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर से पहले पाकिस्तान को इस बात की जानकारी देना अपराध है। उन्होंने जयशंकर पर सवाल उठाए। हालांकि दूसरी ओर विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया दी है।

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राहुल गांधी और एस जयशंकर - फोटो : ANI
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विस्तार
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को ऑपरेशन सिंदूर को लेकर केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को पहले से जानकारी दी, जो एक गंभीर अपराध है। साथ ही उन्होंने पूछा कि ऐसा करने की इजाजत किसने दी और इस कारण वायुसेना को कितने विमान खोने पड़े?

बता दें कि राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें विदेश मंत्री एस. जयशंकर यह कहते हुए नजर आ रहे हैं कि हमने पाकिस्तान को संदेश भेजा था कि हम आतंकवादी ठिकानों पर हमला कर रहे हैं, सेना पर नहीं। सेना चाहे तो इसमें हस्तक्षेप न करे। लेकिन उन्होंने हमारी सलाह नहीं मानी।

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विदेश मंत्रालय ने दी सफाई
हालांकि विदेश मंत्रालय के एक्सपी डिवीजन ने राहुल गांधी के इन आरोपों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। जारी बयान में कहा गया कि विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर के बयान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत के बाद, शुरुआती चरण में पाकिस्तान को चेतावनी दी गई थी, न कि इससे पहले।

मंत्रालय ने कहा कि कुछ लोग इस बयान को तोड़-मरोड़ कर यह दिखा रहे हैं कि भारत ने ऑपरेशन शुरू करने से पहले पाकिस्तान को जानकारी दी थी, जो पूरी तरह गलत और तथ्यों को गलत तरीके से पेश करने वाला है। साथ ही एक्सपी डिवीजन ने साफ किया कि यह एक स्पष्ट तथ्यात्मक गड़बड़ी है और इसे तुरंत सुधारने की जरूरत है। 

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पूरे घटनाक्रम पर DGMO का पुराना बयान भी चर्चा में आया
सैन्य संचालन महानिदेशक ( डीजीएमओ ), लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने बीते 11 मई की प्रेस वार्ता के दौरान कहा था कि  'आतंक के केंद्र' पर हमला करने की भारत की कार्रवाई के बारे में पाकिस्तान के डीजीएमओ को बताया गया था, हालांकि पाकिस्तान की ओर से अनुरोध को "बेदर्दी से ठुकरा दिया गया।" डीजीएमओ घई ने कहा था कि भले ही हमने ऑपरेशन सिंदूर के तुरंत बाद अपने समकक्ष से संपर्क करने और आतंकी शिविरों पर हमला करने का प्रयास किया, लेकिन अनुरोध को ठुकरा दिया गया। ऐसे में एक गंभीर प्रतिक्रिया अपरिहार्य थी और जल्द ही होने वाली थी। हम निश्चित रूप से तैयार थे।

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पाकिस्तान को सूचित करना अपराध- राहुल
इससे पहले जयशंकर की टिप्पणी पर राहुल गांधी ने सवाल खड़ा करते हुए जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हमले की शुरुआत में पाकिस्तान को सूचित करना एक अपराध है। विदेश मंत्री ने खुद ये बात मानी है। किसने इसकी अनुमति दी? क्या इससे हमारी वायुसेना को नुकसान हुआ?

पीआईबी ने राहुल के दावों को बताया गलत
हालांकि, भारत सरकार की प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) ने राहुल गांधी के दावे को गलत बताया है। पीआईबी की फैक्ट चेक यूनिट ने कहा कि विदेश मंत्री जयशंकर ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है, उन्हें गलत तरीके से पेश किया गया है।

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भारत की जवाबी कार्रवाई, जिससे दहल उठा पाकिस्तान
गौरतलब है कि 6 से 7 मई की दरमियानी रात को 1:05 बजे से लेकर 1:30 बजे तक सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया। 25 मिनट के इस ऑपरेशन में 24 मिसाइलों के जरिए नौ आतंकी शिविरों को ध्वस्त कर दिया गया। इन नौ ठिकानों में से पांच पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में थे, वहीं चार पाकिस्तान में थे। इन ठिकानों में आतंकियों को भर्ती किया जाता था। उन्हें प्रशिक्षित किया जाता था।

इतना ही नहीं भारतीय सेना के इस कार्रवाई में आतंकी मसूद अजहर के परिवार के दस लोगों की मौत हो गई। के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के जवाबी कार्रवाई में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत आतंकियों के पनाहगाह पाकिस्तान और पीओके में नौ आतंकी ठिकानों पर हमला कर उसे पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया। इसके बाद दोनों देशों में तनाव बढ़ गया। 

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