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Prophet Row: सूचना आयुक्त बोले- इस्लामिक देशों को भड़काने वालों पर चले देशद्रोह का केस, प्रशांत भूषण ने दिया यह जवाब

Thu, 09 Jun 2022 05:24 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्रीय सूचना आयुक्त उदय माहूरकर ने कहा कि एकतरफा धर्मनिरपेक्षता और हिंदू कीमत पर हिंदू-मुस्लिम एकता के दिन अब राष्ट्रीय जागरण के इस नए युग में चले गए हैं।
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प्रशांत भूषण (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
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विस्तार
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केंद्रीय सूचना आयुक्त उदय माहूरकर ने पैगंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि भारत को उन नागरिकों की सूची बनानी चाहिए जिन्होंने इस्लामिक देशों को भारत के खिलाफ उकसाया। इतना ही नहीं उन पर 'देशद्रोह का मामला' चलाया जाना चाहिए। उनके इस बयान के बाद माहूरकर और सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत भूषण के बीच ट्विटर वार हो गया। सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत भूषण ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा वैधानिक और संवैधानिक निकायों को व्यवस्थित रूप से नष्ट किया जा रहा है।

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सूचना आयुक्त माहूरकर ने दिया बयान
केंद्रीय सूचना आयोग में नियुक्त पूर्व पत्रकार माहूरकर ने ट्वीट में कहा, "राष्ट्र ने पैगंबर विवाद पर कदम उठाए हैं। अब भारत के लिए उन भारतीय नागरिकों की सूची बनाने का समय है जिन्होंने भारत के खिलाफ इस्लामी राष्ट्रों को उकसाया और उन पर देशद्रोह का मामला चलाया जाना चाहिए। यह उनकी देश विरोधी गतिविधि है। यहां तक कि कानून बनाकर उनकी संपत्ति को भी कुर्क किया जा सकता है।"
उन्होंने जाकिर नाइक और मशहूर चित्रकार एमएफ हुसैन का जिक्र करते हुए सवाल भी पूछा। एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा, "पैन-इस्लामवादियों और वामपंथियों ने नीचे मेरे ट्वीट पर सवाल उठाया है। क्या उन्होंने कभी नफरत फैलाने वाले जाकिर नाइक और एमएफ हुसैन की उनके अद्वितीय ईशनिंदा के लिए निंदा की?' केंद्रीय सूचना आयुक्त उदय माहूरकर ने कहा कि एकतरफा धर्मनिरपेक्षता और हिंदू कीमत पर हिंदू-मुस्लिम एकता के दिन अब राष्ट्रीय जागरण के इस नए युग में चले गए हैं।
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प्रशांत भूषण ने दी प्रतिक्रिया
उनके ट्वीट को लेकर सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत भूषण ने सूचना आयुक्त पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि "यह सज्जन खुद को एक पत्रकार कहते हैं, जिन्हें केंद्रीय सूचना आयोग से हटा दिया गया था। आप देख सकते हैं कि कैसे इस सरकार द्वारा वैधानिक और संवैधानिक निकायों को व्यवस्थित रूप से नष्ट किया जा रहा है।"

प्रशांत भूषण की प्रतिक्रिया पर पलटवार करते हुए माहुरकर ने कहा कि उस व्यक्ति से सलाह की आवश्यकता नहीं है जिसने लगातार राष्ट्रीय हित के खिलाफ वैचारिक पदों पर कब्जा किया है। उन्होंने आगे कहा कि लेखक, पूर्व पत्रकार और देशभक्त नागरिक के रूप में मैं राष्ट्रीय सुरक्षा और इतिहास पर अपने विचारों को प्रसारित करने का अधिकार रखता हूं। 

क्या है मामला
गौरतलब है कि पैगंबर मोहम्मद पर भाजपा नेताओं नुपुर शर्मा और नवीन जिंदल ने कथित रूप से विवादित टिप्पणी की थी। जिसको लेकर कुछ इस्लामी देशों के साथ माफी मांगने की अंतरराष्ट्रीय निंदा की है। कांग्रेस ने इस मामले में सरकार को घेरा है। कांग्रेस ने सवाल किया कि देश को क्यों माफी मांगनी चाहिए। जबकि सरकार ने इस तरह की टिप्पणियों को नकारा है। भाजपा ने इस मामले में नुपूर शर्मा को निलंबित और नवीन जिंदल को निष्कासित कर दिया है। बीते दिन विदेश मंत्रालय ने कहा था कि कुछ व्यक्तियों का बयान सरकार का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं।

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