भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठिए झारखंड के लिए चिंता का विषय हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अपनी तुष्टिकरण की राजनीति के कारण पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को सीमा पर तार बाड़ करने के लिए भूमि उपलब्ध नहीं करा रही हैं।
'पश्चिम बंगाल में घुसपैठियों की संख्या 35 फीसदी तक पहुंची'
बोकारो में पत्रकारों से बात करते हुए अधिकारी ने कहा, पश्चिम बंगाल में 72 ऐसी जगहें हैं, जहां ममता बनर्जी सरकार ने बीएसएफ को जमीन उपलब्ध नहीं कराई। उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय ने ममता बनर्जी से जमीन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। लेकिन ममता ने वोट बैंक की राजनीति के चलते ऐसा नहीं किया। अधिकारी के मुताबिक, बांग्लादेशी घुसपैठिए पश्चिम बंगाल में अव्यवस्थित क्षेत्र से प्रवेश कर रहे हैं और उनकी संख्या राज्य में 35 फीसदी तक पहुंच गई है।
'राज्यों को घुसपैठियों से बचाने के लिए डबल इंजन की जरूरत'
उन्होंने कहा, झारखंड और पश्चिम बंगाल को बांग्लादेशी घुसपैठियों से बचाने के लिए डबल इंजन सरकार की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ये घुसपैठिए झारखंड में हिंदू समाज और आदिवासियों के लिए बड़ा खतरा पैदा कर रहे हैं।
'विपक्षी गठबंधन के सत्ता में आने से हिंदू संस्कृति को खतरा'
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' सत्ता में आता है तो यह राष्ट्रवाद, हिंदू संस्कृति और राज्य के मूल निवासियों के खतरा बना सकता है। शुभेंदु ने कहा कि झारखंड के लोग विकास के लिए भाजपा को वोट देंगे। उन्होंने यह भी दावा किया कि झारखं में करीब 90 लाख बांग्ला भाषी लोग हैं और इनमें से 90 फीसदी भाजपा के कमल के चिह्न पर वोट डालेंगे।
झारखंड में 'परिवर्तन यात्रा' कर रही भाजपा
भाजपा ने झारखंड के विधानसभा चुनाव से पहले 20 सितंबर से परिवर्तन यात्रा शुरू की है। इस यात्रा का मकसद जनता के बीच जाकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) सरकार की विफलताओं को उजाकर करना है। यह यात्रा 81 विधानसभा क्षेत्रों से गुजरते हुए 5,400 किलोमीटर की दूरी तय करेगी और 2 अक्तूबर को समाप्त होगी। इसमें भाजपा के राष्ट्रीय और राज्य स्तर के करीब 50 नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है। जिनमें कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल हैं। यह यात्रा राज्य की सियासत में भाजपा की ताकत को बढ़ाने का एक प्रयास है। शुभेंदु अधिकारी सोमवार को धनबाद में इस यात्रा में शामिल हुए।