पूर्वोत्तर भारत के मणिपुर में एक अभियान के दौरान सेना को बड़ी कामयाबी मिली। मणिपुर के चंदेल जिले में सैनिकों पर संदिग्ध सशस्त्र कैडरों ने फायरिंग की, जिसके जवाबी कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने 10 कैडरों को मार गिराया। साथ ही मणिपुर के विभिन्न जिलों में कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों से जुड़े सात सक्रिय उग्रवादियों को गिरफ्तार भी किया है। मामले में भारतीय सेना की पूर्वी कमान ने बताया कि खुफिया जानकारी मिलने के बाद शुरू किया गया ऑपरेशन अभी भी जारी है।
चंदेल जिले के न्यू समतल गांव में संदिग्ध गतिविधि की खुफिया सूचना मिली
सेना की पूर्वी कमान ने एक एक्स पोस्ट में लिखा, 'भारत-म्यांमार सीमा के पास चंदेल जिले के खेंगजॉय तहसील के न्यू समतल गांव के पास सशस्त्र कैडरों की आवाजाही की विशेष खुफिया जानकारी मिली।'
स्पीयर कोर के तहत आने वाली असम राइफल्स का ऑपरेशन
भारत और म्यांमार की सीमा पर मणिपुर के चंदेल जिले में इस अभियान के बारे में भारतीय सेना ने बताया कि स्पीयर कोर के तहत आने वाली असम राइफल्स की इकाई ने 14 मई 2025 को एक ऑपरेशन शुरू किया। ऑपरेशन के दौरान, सैनिकों पर संदिग्ध कैडरों ने गोलीबारी की।
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सैनिकों पर गोलीबारी पर जवाबी कार्रवाई, 10 कैडरों को मार गिराया
सेना ने बताया कि सुरक्षाबलों ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और जवाबी कार्रवाई के दौरान हुई गोलीबारी में 10 कैडरों को मार गिराया गया। मौके से बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किए गए हैं।
सुरक्षाबलों का एक्शन, सात उग्रवादी गिरफ्तार
मणिपुर पुलिस और सुरक्षाबलों ने विभिन्न जिलों में कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों से जुड़े सात सक्रिय उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारियां थौबल, काकचिंग, बिष्णुपुर और चुराचांदपुर जिलों से की गई हैं। मामले में थौबल जिले के लेरोंगथेल प्रिटा इलाके से बुधवार को पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के दो सक्रिय सदस्य आरके मुबिसना मेइतेई (47) और मोइरांगथेम नरेश सिंह (28) को गिरफ्तार किया गया। दोनों जबरन वसूली में शामिल थे। इनके पास से दो पिस्टल, मैगजीन और सात कारतूस बरामद किए गए।