फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Smuggling: उत्तर बंगाल में बीएसएफ ने किया गोल्ड माफिया पर करारा प्रहार, 2.5 करोड़ का सोना बरामद, दो गिरफ्तार

Wed, 26 Nov 2025 10:50 PM IST
हिमांशु चंदेल अमर उजाला ब्योरो, कोलकाता

सार

किशनगंज स्थित भारत-बांग्लादेश सीमा पर बीएसएफ ने गोल्ड तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए 2.5 करोड़ रुपये का सोना जब्त किया और दो तस्करों को गिरफ्तार किया। रतन बिश्रा लकड़ियों के गट्ठर में सोना छिपाकर ला रहा था, जबकि दूसरी कार्रवाई में मुख्य हैंडलर धनाजी नामदेव भुजे को पकड़ा गया।
विज्ञापन
2.5 करोड़ का सोना बरामद - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारत-बांग्लादेश सीमा पर बीएसएफ ने गोल्ड तस्करी के एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। दो दिन की लगातार कार्रवाई में बीएसएफ ने दो तस्करों को गिरफ्तार किया और 2.5 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत का सोना जब्त किया। बीएसएफ का कहना है कि यह कार्रवाई सीमा पर सक्रिय एक संगठित तस्करी नेटवर्क की बड़ी कड़ी तोड़ने वाली साबित होगी। सोमवार को मिले खुफिया इनपुट के बाद यह ऑपरेशन चलाया गया था।

विज्ञापन


पहली कार्रवाई में बीएसएफ ने उत्तर दिनाजपुर जिले के रतन बिश्रा (23) को आईबीबीएफ गेट पर रोका। वह खेतों से वापस लौट रहा था और सूखी पेड़ की लकड़ियों का गट्ठर लेकर जा रहा था। तलाशी के दौरान लकड़ियों के बीच से 1,963.72 ग्राम सोना बरामद हुआ। उसके पास से दो मोबाइल फोन भी मिले। प्रारंभिक जांच में पता चला कि वह सोना सीमा पार से लाकर भारत के भीतर किसी हैंडलर को सौंपने वाला था। बीएसएफ ने बरामद सोने और सामान की कुल कीमत लगभग 2.5 करोड़ रुपये आंकी है।

मुख्य हैंडलर गिरफ्तार, नेटवर्क का पर्दाफाश
गिरफ्तार रतन बिश्रा से पूछताछ के बाद बीएसएफ की टीम तुरंत दूसरी कार्रवाई में जुटी। उसी दिन उत्तर भारत के सबसे सक्रिय तस्करी संपर्कों में से एक, धनाजी नामदेव भुजे (34), निवासी सांगली, महाराष्ट्र को बांग्लादेश सीमा से सटे बिहार के किशनगंज के कैल्पटेक्स चौक से गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारियों के अनुसार भुजे इस रैकेट का मुख्य ‘रियर लिंक’ था, जो सोना आगे सप्लाई करता था।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- CBI ने ITAT में भ्रष्टाचार के रैकेट का किया भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार; एक करोड़ से अधिक नकदी बरामद

दोनों आरोपियों को आगे की जांच के लिए डीआरआई बहारमपुर (मुर्शिदाबाद) के हवाले कर दिया गया है। बीएसएफ का अनुमान है कि यह रैकेट कई राज्यों में फैला हो सकता है और पूछताछ में कई और नाम सामने आ सकते हैं।

सीमा पर लगातार निगरानी से बनी सफलता
बीएसएफ अधिकारियों का कहना है कि यह सफलता लगातार निगरानी, स्थानीय इनपुट और तस्करी गतिविधियों की सटीक मैपिंग का नतीजा है। पिछले कुछ महीनों में इस क्षेत्र में गोल्ड तस्करी बढ़ी है, क्योंकि तस्कर पानी भरे खेतों, लकड़ियों और घरेलू सामान के भीतर सोना छिपाकर लाने की नई तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
विज्ञापन


वरिष्ठ अधिकारियों ने की सराहना
बीएसएफ पूर्वी कमान के विशेष महानिदेशक महेश कुमार अग्रवाल ने उत्तर बंगाल फ्रंटियर के जवानों की सतर्कता की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन बीएसएफ की जीरो टॉलरेंस नीति का उदाहरण है। उन्होंने दोहराया कि भारत-बांग्लादेश सीमा पर ट्रांस-बॉर्डर अपराधों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

अन्य वीडियो-

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें