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इंदिरा जयसिंह पर कसा शिकंजा, सीबीआई के बाद अब ईडी ने इस मामले की जांच शुरू की

Thu, 11 Jul 2019 08:15 PM IST
अमर शर्मा डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
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इंदिरा जयसिंह (फाइल फोटो) - फोटो : Twitter
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विदेशी चंदा विनियमन कानून (एफसीआरए) तोड़ने के आरोप में सीबीआई जांच का सामना कर रही वकील इंदिरा जयसिंह और आनंद ग्रोवर की मुसीबतें बढ़ सकती हैं। सीबीआई के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी इस मामले की जांच शुरू कर दी है। ईडी ने सीबीआई और गृह मंत्रालय से इंदिरा जयसिंह के एनजीओ से सभी दस्तावेज हासिल कर लिए हैं। इंदिरा जयसिंह पर आरोप है कि उनके एनजीओ को मिली विदेशी सहायता के इस्तेमाल में कथित तौर पर विसंगतियां पाई गई हैं। इसके चलते गृह मंत्रालय पहले ही एनजीओ का लाइसेंस रद्द कर चुका है।
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बता दें कि सीबीआई ने गुरुवार को इंदिरा जयसिंह के मुंबई में तीन और दिल्ली में दो ठिकानों पर छापेमारी की है। ये छापेमारी उनके फाउंडेशन ‘लॉयर्स कलेक्टिव’ पर विदेशी फंडिंग को लेकर चल रहे मामले में हुई है। 

पूर्व अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल इंदिरा जयसिंह ने अपने और अपने पति आनंद ग्रोवर के कार्यालयों एवं आवास पर सीबीआई की छापेमारी को गलत बताया है। उन्होंने कहा, यह सब मानवाधिकारों के लिए काम करने को लेकर उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। 
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सीबीआई ने गृह मंत्रालय की शिकायत के आधार पर ग्रोवर और एनजीओ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। मंत्रालय ने आरोप लगाया गया था कि समूह द्वारा प्राप्त विदेशी सहायता के इस्तेमाल में कई कथित विसंगतियां हैं। आरोप है कि चंदे का राजनीतिक इस्तेमाल भी हुआ है।

इंदिरा जयसिंह का नाम सीबीआई की प्राथमिकी में आरोपियों की सूची में नहीं है। हालांकि मंत्रालय की शिकायत में उनकी कथित भूमिका का जिक्र किया गया है। ईडी के सूत्र बताते हैं कि इस मामले में ‘लॉयर्स कलेक्टिव’ के अध्यक्ष ग्रोवर व उनके संगठन में काम करने वाले कई पदाधिकारियों से भी पूछताछ की जाएगी। 

गृह मंत्रालय की शिकायत के अनुसार ‘लॉयर्स कलेक्टिव’ ने विदेश से 2006-07 और 2014-15 के बीच 32.39 करोड़ रुपये की मदद हासिल की थी। इसमें कई तरह की अनियमितताएं बरती गई। यह सीधे तौर पर एफसीआरए का उल्लंघन है। 

ईडी द्वारा यह पता लगाया जाएगा कि उनकी विदेश यात्राओं का खर्च गृह मंत्रालय की अनुमति के बिना एनजीओ द्वारा कैसे उठाया गया है। तत्कालीन सरकार की अनुमति के बिना इंदिरा जयसिंह को 96.60 लाख रुपये की रकम लॉयर्स कलेक्टिव की ओर से दी गई।

इंदिरा जयसिंह बॉम्बे हाईकोर्ट की वरिष्ठ वकील बनने वाली पहली महिला हैं। साल 2009 में वे अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल ऑफ इंडिया के पद पर नियुक्त हुई थीं। 2005 में उन्हें पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया था।
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