बता दें गडकरी की भाजपा पार्टी अक्सर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की योजनाओं की आलोचना करती रही है। जिसमें उनके द्वारा लगाए गए आपातकाल की आलोचना भी शामिल है। हालांकि बाद में उन्होंने अपनी पार्टी की महिला नेता सुषमा स्वराज, वसुंधरा राजे और सुमित्रा महाजन की प्रशंसा भी की।
उन्होंने कहा, "महिलाओं को आरक्षण मिलना चाहिए और मैं इसका विरोध नहीं करूंगा। कोई भी व्यक्ति जाति, धर्म, भाषा और लिंग के आधार पर ऊंचाई हासिल नहीं कर सकता। वह ऊंचाई अपने ज्ञान के आधार पर ही हासिल कर सकता है।"
गडकरी ने आगे कहा, "क्या हम सांई बाबा, गजानन महाराज, महात्मा ज्योतिबा फुले और डॉक्टर बाबा साहेब अंबेडकर से उनके धर्म के बारे में पूछते हैं? मैं जाति और धर्म की राजनीति के खिलाफ हूं। जरूरत है अपने ज्ञान और कौशल को बढ़ाने की। अगर अच्छा ज्ञान है, तो पार्टी आपके घर खुद टिकट देने आएगी।"