इंडिगो एयरलाइन ने अपने ग्राउंड स्टाफ और यात्री के बीच मारपीट के लिए सरकार से माफी मांगी है। साथ ही कहा है कि उनका कर्मचारी अपनी ड्यूटी कर रहा था।
नागरिक उड्डयन मंत्री अशोक गजपति राजू ने इस मामले में वीडियो वायरल होने के बाद नागरिक उड्डयन के डीजी से स्वतंत्र जांच की मांग की है। राजू ने कहा कि सभ्य समाज में इस तरह की घटनाएं निंदनीय हैं।
इस मामले में कार्रवाई की जानी चाहिए। नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने भी घटना की निंदा की है और एयरलाइन से इस मामले में रिपोर्ट मांगी है।
वीडियो में एक ग्राउंड स्टाफ यात्री राजीव कत्याल से मारपीट करता दिखाई दे रहा है। यह वीडियो दिल्ली एयरपोर्ट पर पिछले महीने 15 तारीख की है। इंडिगो के अध्यक्ष और पूर्णकालिक निदेशक आदित्य घोष ने राजू को लिखे पत्र में कहा, ‘सबसे पहले मैं यह स्वीकार करता हूं कि यह हमारी गलती है और हमने इस दुखद घटना के लिए न सिर्फ माफी मांगी है बल्कि कार्रवाई भी की है।
उन्होंने कहा, हमने यात्री से घटना के दिन ही माफी मांगी और इस घटना में शामिल कर्मचारियों को तुरंत बर्खास्त कर दिया। पत्र में घटना का सिलसिलेवार जिक्र करते हुए इंडिगो के अध्यक्ष ने यात्री कत्याल के साथ झगड़े में शामिल कर्मचारी जूबी थॉमस का पक्ष लिया।
पत्र में कहा, ‘वह वास्तव में अपना काम कर रहा था और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा था। इसमें कहा गया कि थॉमस ने किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचने के लिए कत्याल को केटरिंग लिफ्ट से दूर रहने को कहा।
हालांकि यात्री ने थॉमस की आवाज नहीं सुनी। जब यात्री ने उसकी आवाज नहीं सुनी तो उसने काफी जोर से आवाज लगाई जो कि कत्याल को शायद काफी असभ्य लगा। इंडिगो के अनुसार इस पर यात्री ने स्टाफ के साथ गाली देकर बात की।
इस पर कर्मचारी ने कत्याल से पूछा कि वह गाली क्यों दे रहे हैं। एयरलाइन ने वीडियो शूट करने वाले ग्राउंड स्टाफ मोनू कालरा को भी बर्खास्त करने के निर्णय का बचाव करते हुए कहा कि वह घटना को भड़का रहा था।
वीडियो-
#WATCH: IndiGo staff manhandle a passenger at Delhi's Indira Gandhi International Airport (Note: Strong language) pic.twitter.com/v2ola0YzqC
— ANI (@ANI) November 7, 2017