देश के शीर्ष उपभोक्ता आयोग राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) ने इंडिगो एयरलाइंस को एक परिवार की याचिका पर 20,000 हजार रुपये का जुर्माना देने के लिए कहा है। आयोग ने परिवार को 41,000 रुपये की टिकटों के अलावा 20,000 रुपये अतिरिक्त देने का आदेश दिया है। दरअसल, कोलकाता से अगरतला जाने वाला परिवार एयरपोर्ट पर बोर्डिंग का इंतजार कर रहे थे लेकिन उन्हें सूचना दिए बिना ही विमान ने उड़ान भर ली।
एयरलाइन द्वारा दायर की गई पुनर्विचार याचिका को खारिज करते हुए आयोग के अध्यक्ष आरके अग्रवाल और सदस्य एम. श्रीशा की पीठ ने एयरलाइन को यात्री से संपर्क न कर पाने का भी जिम्मेदार ठहराया। अपनी वेबसाइट में उल्लिखित नियमों और शर्तों का हवाला देते हुए इंडिगो ने कहा, '
इंडिगो मोबाइल फोन के जरिए संपर्क को प्राथमिकता देता है। किसी भी यात्री के लिए यह आवश्यक है कि वह टिकट की बुकिंग करते समय अपना मोबाइल नंबर मुहैया कराए।'
बेंच ने कहा, 'यह साफ है कि फ्लाइट बुकिंग के समय यात्री को एयरलाइन को अपना
मोबाइल नंबर दिया जाना चाहिए। हालांकि यह बात समझ में नहीं आती कि आखिर क्यों पुनर्विचार याचिका दाखिल करने वाले की इस पर बात पर चुप्पी साधी गई है कि आखिर क्यों परिवार के किसी भी सदस्य से संपर्क करने की कोशिश नहीं की गई। उनमें से किसी को भी क्यों फोन नहीं किया गया।'