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IndiGo: इंडिगो सीईओ के माफी मांगने वाले वीडियो पर एक्स पर लगा कम्युनिटी नोट, दावों को लेकर पेश किए गए तथ्य

Sat, 06 Dec 2025 10:25 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

इंडिगो के परिचालन संकट पर शुक्रवार शाम एक बयान जारी कर एयरलाइन के सीईओ ने माफी मांगी, लेकिन सीईओ की माफी से लोग भड़क गए हैं। लोगों ने सोशल मीडिया पर इंडिगो को आड़े हाथों लेते हुए लोगों को हुई परेशानी के लिए मुआवजे की मांग की है। 
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इंडिगो के सीईओ ने मांगी माफी - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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इंडिगो एयरलाइन का संकट बरकरार है और शनिवार को भी कई हवाई अड्डों पर इंडिगो की उड़ानें रद्द हुई हैं। शुक्रवार को हालात सबसे ज्यादा खराब रहे और दिनभर में 1000 से ज्यादा उड़ानें रद्द हुईं। इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और लोग कई घंटों तक हवाई अड्डों पर फंसे रहे और अफरा-तफरी का माहौल रहा। इस बीच शुक्रवार शाम को इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने एक वीडिया जारी कर मौजूदा हालात के लिए माफी मांगी। सीईओ की इस वीडियो को सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों पर साझा किया गया। 
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कम्युनिटी नोट पर यूजर्स दे रहे प्रतिक्रिया
हालांकि सीईओ की माफी से एक्स यूजर्स भड़क गए और उन्होंने कई गंभीर सवाल उठाए। एक्स पर सीईओ की वीडियो पर कम्युनिटी नोट लगा है, जिस पर यूजर्स अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं और तथ्य साझा कर रहे हैं। यूजर्स ने लिखा कि इंडिगो और अन्य एयरलाइंस को डीजीसीए के नए नियमों के बारे में एक साल पहले नोटिफाई किया गया था, लेकिन इंडिगो ने नियमों का पालन नहीं किया, जिसके चलते ये परेशानी हुई। साथ ही कहा गया कि इंडिगो ने अपने बयान में डीजीसीए के नियमों का पालन न करने की बात स्वीकार नहीं की है, जबकि इसके कारण ही सारी परेशानी हुई। 

लोगों का फूटा गुस्सा, एयरलाइन पर निकाली भड़ास
इस कम्युनिटी नोट पर यूजर्स प्रतिक्रिया भी दे रहे हैं। एक यूजर ने लिखा कि 'जब हालात इतने खराब हैं तो फिर इंडिगो द्वारा टिकट क्यों बेचे जा रहे हैं?' साथ ही लोगों ने पूछा कि क्या लोगों को जो परेशानी हुई, उसके लिए इंडिगो मुआवजा देगी? एक अन्य यूजर ने लिखा 'ये इंडिगो के लिए बेहद शर्मनाक बात है, एयरलाइन योजना के स्तर पर बुरी तरह से असफल हुई है, या ये डीजीसीए को ब्लैकमेल करने के लिए जानबूझकर तो नहीं किया गया। यात्रियों की परेशानी को दूर करने के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए और उड़ानें रद्द होने पर यात्रियों को रिफंड भी नहीं दिया गया। लोगों को हुई परेशानी के लिए उन्हें मुआवजा दिया जाना चाहिए।'
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एक यूजर ने लिखा कि नियमों में छूट के लिए डीजीसीए को ब्लैकमेल करने के लिए ये स्थिति पैदा की गई। नए नियम जनवरी 2024 को नोटिफाई किए गए थे और इंडिगो के पास काफी समय था ताकि वह अपनी कमियों को दूर कर सके। लोगों को हुई परेशानी के लिए सिर्फ रिफंड देना ही काफी नहीं है। कुछ यूजर्स ने तो इंडिगो के नेतृत्व को ही बदलने की मांग कर डाली और शीर्ष पदों पर बैठे लोगों का इस्तीफा मांगा।

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