पुणे से दिल्ली आ रहे इंडिगो एयरलाइंस के एक विमान का स्टेयरिंग पायलट के बजाय एक यात्री ने संभालकर उसे इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सकुशल उतारा। जी नहीं, पायलट के साथ किसी तरह का हादसा नहीं हुआ था, बल्कि शनिवार को हुई इस घटना के पीछे दिल्ली एयरपोर्ट पर घनी धुंध के कारण बन गई कम दृश्यता की परिस्थितियां जिम्मेदार थीं। विमान संभाल रहे पायलट को इन परिस्थितियों का पर्याप्त अनुभव नहीं होने के कारण एयरलाइंस ने जिस यात्री से विमान संभालने का आग्रह किया था, वह भी एक पायलट हैं और इस तरह की परिस्थितियों में विमान उड़ाने के लिए प्रशिक्षित होने के साथ ही पर्याप्त अनुभवी भी थे।
एयरलाइंस सूत्रों के मुताबिक, यात्री पायलट को सीधे कॉकपिट में प्रवेश नहीं दिया गया बल्कि उन्हें पहले ब्रीथ एनेलाइजर समेत उन सभी अनिवार्य टेस्ट से गुजरना पड़ा, जो विमान उड़ाने से पहले पायलट को देने पड़ते हैं। इसके अलावा विमान का कैप्टन बदलने के लिए सभी तरह की आंतरिक मंजूरियां भी ली गईं और उनका नाम रोस्टर में भी शामिल कराया गया। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) को भी हालात की जानकारी दी गई। हालांकि यात्री कैप्टन को बिना यूनिफार्म के ही कॉकपिट में प्रवेश करना पड़ा। माना जा रहा है कि इसके लिए डीजीसीए एयरलाइंस पर जुर्माना लगा सकता है।