गुरुवार को देश में विकसित लेजर गाइडेड एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल (एटीजीएम) का सफल परीक्षण किया गया। मिसाइल का यह परीक्षण लंबी दूरी पर स्थित निशाने पर किया गया, जिसे मिसाइल ने सफलतापूर्वक भेद दिया।
यह परीक्षण अहमदनगर में स्थित केके रेंज में एमबीटी अर्जुन से किया गया था। इस एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल का परीक्षण 22 सितंबर को हुए सफल ट्रायल को जारी रखते हुए किया गया। सफल परीक्षण पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) को बधाई दी है।
एक अधिकारी ने बताया कि मिसाइल का पिछले दस दिनों में इस तरह का दूसरा सफल परीक्षण था। इस मिसाइल की रेंज पांच किलोमीटर तक है। रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, ‘एटीजीएम विस्फोटक प्रतिक्रिया बख्तर से सुरक्षित बख्तरबंद वाहनों को डेढ़ से पांच किलोमीटर के रेंज में पराजित कर सकता है।’
बयान के अनुसार एटीजीएम को कई प्लेटफॉर्म से लांच करने की क्षमता के साथ बनाया गया है और वर्तमान में एमबीटी अर्जुन के 120 एमएम राइफल से इसका तकनीकी परीक्षण जारी है। अर्जुन डीआरडीओ की तरफ से विकसित तीसरी पीढ़ी का मुख्य युद्धक टैंक है।
इससे पहले बुधवार को भारत ने ओडिशा में बालासोर स्थित एकीकृत प्रक्षेपण स्थल से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के एक नए संस्करण का सफल परीक्षण किया था। इसकी मारक क्षमता लगभग 400 किलोमीटर तक है।
इसे लेकर रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा था कि सतह से सतह पर मार करने वाली यह क्रूज मिसाइल स्वदेशी बूस्टर और ‘एअरफ्रेम’ के साथ भारत में निर्मित अन्य उप-प्रणालियों जैसी विशिष्टताओं से लैस है।