विदेशों में रहने वाले भारतीय, जो कोरोना संक्रमण के चलते स्वदेश लौट आए हैं, अब उन्हें यहीं पर काम दिलाने का प्रयास शुरू हो गया है। वंदे भारत मिशन के तहत विदेश से लौटे भारतीयों की जानकारी एकत्रित की जा रही है।
बाकायदा ऐसे लोगों से उनके हुनर व शिक्षा के बारे में पूछा जा रहा है। यह जानकारी विदेश मंत्रालय के साथ भी साझा की गई है। केंद्र सरकार ने इसके लिए 'स्किल्ड वर्कर्स अराइवल डाटाबेस फॉर एंप्लॉयमेंट स्पोर्ट इनीशिएटिव' पोर्टल लॉन्च किया है।
अभी तक इस पोर्टल पर करीब साढ़े सात हजार लोगों ने अपनी पंजीकरण कराया है।वंदे भारत मिशन के अंतर्गत अभी तक 59 हजार से ज्यादा भारतीय स्वदेश लौट चुके हैं।
केंद्र सरकार के एक अधिकारी के अनुसार, चूंकि विदेश से आने वाले सभी लोगों के पीछे एक ही कारण रहा है कोरोना संक्रमण, इसलिए अब भारत सरकार ऐसे लोगों को जॉब दिलाने में मदद करेगी।
ऐसे लोगों को 'स्किल्ड वर्कर्स अराइवल डाटाबेस फॉर एंप्लॉयमेंट सपोर्ट इनिशिएटिव' पोर्टल पर अपनी जानकारी अपलोड करनी होगी। इस पोर्टल पर लोगों से उनकी पढ़ाई-लिखाई, हुनर और अनुभव के बारे में पूछा गया है।
लोगों की इस जानकारी को विदेश मंत्रालय के अलावा कौशल विकास व उद्यमिता मंत्रालय व नागरिक उड्डयन मंत्रालय के साथ भी साझा किया जा रहा है। तीनों मंत्रालयों का एक ही मकसद है कि किसी तरह इन लोगों को स्वदेश में जॉब मिल जाए।
जो भी योग्य व्यक्ति मिलेंगे, उनका डॉटा संबंधित या विभागों को भेजा जाएगा। उसके बाद उनके साक्षात्कार की व्यवस्था होगी। केंद्र सरकार इस पोर्टल से मिली जानकारी के आधार पर स्वदेशी ही नहीं, बल्कि विदेशी कंपनियों से भी बात करेगी।
ऐसी कंपनियां, जिनकी भारत में ब्रांच हैं, वे इन लोगों को यहीं पर काम दे सकती हैं। बता दें कि मई से लेकर अभी तक जो लोग स्वदेश लौटे हैं, उनमें ओमान, कतर, यूएई, कुवैत, सिंगापुर और दुबई सहित कई देश शामिल हैं।
ये लोग वहां पर रोड एवं बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन, ट्रांसपोर्ट, ऐविएशन, ऑयल, गैस और पर्यटन के क्षेत्र में काम कर रहे थे।