लॉकडाउन के बाद भारतीय बाजार में स्मार्टफोन की बिक्री में सालाना आधार पर 8 फीसदी की तेजी आई है। इस साल जुलाई-सितंबर तिमाही में रिकॉर्ड 5 करोड़ स्मार्टफोन बिके। रिसर्च फर्म कैनालिस की रिपोर्ट के मुताबिक, यह किसी भी तिमाही में अब तक की सबसे ज्यादा बिक्री है। 2019 की समान तिमाही में कुल 4.62 करोड़ स्मार्टफोन बिके थे।
रिपोर्ट में कहा गया है कि आलोच्य तिमाही में शीर्ष-5 स्मार्टफोन कंपनियों श्याओमी, सैमसंग, वीवो, रियलमी और ओप्पो की बिक्री में इजाफा हुआ है। कंपनी के एनालिस्ट अद्वैत मार्डिकर ने बताया कि भारत में तीन महीने के बाद लॉकडाउन के प्रतिबंधों को धीरे-धीरे कम किया जा रहा है।
इस दौरान सरकार ने सतत विकास के लिए बेहतर माहौल तैयार किया है। इसका असर सभी स्मार्टफोन कंपनियों की बिक्री पर भी दिखा है। त्योहारी सीजन में और बिक्री होने की उम्मीद है। ई-कॉमर्स कंपनियों ने हालिया त्योहारी सीजन सेल में 1.10 करोड़ मोबाइल फोन बिके हैं।
चीनी कंपनियों की हिस्सेदारी 14 फीसदी घटी
रिपोर्ट के मुताबिक, आलोच्य तिमाही में चीनी मोबाइल कंपनियों की बाजार हिस्सेदारी सालाना आधार पर 2 फीसदी बढ़कर 76 फीसदी पर पहुंच गई है। पिछले साल की समान तिमाही में यह हिस्सेदारी 74 फीसदी रही थी।
हालांकि, सीमा विवाद के कारण चीनी सामानों के बहिष्कार की वजह से तिमाही आधार पर इनकी बाजार हिस्सेदारी में 14 फीसदी गिरावट आई है। जून तिमाही में चीनी कंपनियों की बाजार हिस्सेदारी 80 फीसदी रही थी।
छवि बेहतर करने में जुटे ब्रांड
कैनालिस रिसर्च के एनालिस्ट वरुण कन्नन के मुताबिक, भारत और चीन के बीच पिछले कुल महीनों से जारी तनाव के बावजूद ग्राहकों की खरीदारी पर बड़े पैमाने पर असर नहीं दिखा है। हालांकि, इससे चीनी स्मार्टफोन ब्रांड की रणनीति जरूर प्रभावित हुई है। वे कारोबार के लिए रूढ़िवादी तरीके अपनाते हुए खर्चों में कटौती कर रहे हैं।
साथ ही बड़ी ही सावधानी से अपनी छवि बेहतर करने में जुटे हैं। इन कंपनियों का मानना है कि भारत के आर्थिक विकास में उनकी भूमिका अहम है, लेकिन अपनी बिक्री बढ़ाने के लिए कुछ बदलाव करने होंगे।
श्याओमी शीर्ष पर, सैमसंग ने वीवो को पीछे छोड़ा
| कंपनी |
बिक्री |
बाजार हिस्सेदारी |
| श्याओमी |
1.31 करोड़ |
26.1 फीसदी |
| सैमसंग |
1.02 करोड़ |
20.4 फीसदी |
| वीवो |
88 लाख |
17.6 फीसदी |
| रियलमी |
87 लाख |
17.4 फीसदी |
| ओप्पो |
61 लाख |
12.1 फीसदी |
| एपल |
08 लाख |
|