कोरोना का खतरा बढ़ रहा है लेकिन लोगों के चेहरे पर मास्क नहीं है।
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भारत में कोरोनावायरस के मामले घटने के साथ ही लोगों में संक्रमण का डर कम हो गया है। कई राज्यों में मास्क पहनने की अनिवार्यता समाप्त किए जाने के फैसले के बीच 90 फीसदी भारतीयों ने खुद माना है कि अब अधिकतर लोग या तो मास्क नहीं लगा रहे हैं या जो लगा भी रहे हैं, वे इसे ठीक से नहीं पहन रहे हैं। एक सर्वे में यह जानकारी सामने आई है।
यह सर्वेक्षण एक सोशल मीडिया मंच ‘लोकल सर्किल्स’ द्वारा किया गया है। इसके मुताबिक, सर्वेक्षण के दौरान भारत के 349 जिलों में रहने वाले लोगों से 30 हजार से अधिक प्रतिक्रियाएं मिलीं। सर्वेक्षण में शामिल लोगों से यह समझने के लिए प्रश्न पूछे गए थे कि ‘‘मास्क पहनने के संबंध में वर्तमान में क्या स्थिति है क्योंकि कई राज्य मास्क पहनने की अनिवार्यता को हटा रहे हैं।’’
सर्वेक्षण के अनुसार, 57 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि उनके क्षेत्रों में ज्यादातर लोग मास्क लगा रहे हैं, लेकिन वे इसे ठीक से नहीं पहनते हैं, जबकि 22 प्रतिशत ने कहा कि ज्यादातर लोगों के पास मास्क है लेकिन वे इसे बिल्कुल भी नहीं पहनते हैं। इसके अनुसार केवल सात प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि अधिकांश के पास मास्क है और वे इसे ठीक से पहनते हैं, जबकि तीन प्रतिशत ने कोई राय नहीं दी।
सर्वेक्षण में शामिल लोगों में लगभग 68 प्रतिशत पुरुष थे, जबकि 32 प्रतिशत महिलाएं थीं। इसमें कहा गया है कि मास्क पहनने वालों में से 66.67 प्रतिशत कपड़े का मास्क पहनते हैं जो वायरल संक्रमण से सीमित सुरक्षा प्रदान करता है। गौरतलब है कि दिल्ली, हरियाणा, तेलंगाना और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों ने देशभर में कोविड-19 मामलों में गिरावट को देखते हुए प्रतिबंधों को हटा लिया है और सार्वजनिक स्थानों पर ‘फेस मास्क’ का उपयोग वैकल्पिक बना दिया है।