सिख फॉर जस्टिस संगठन के समन्वयक गुरपतवंत सिंह पन्नू
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इंडियन वर्ल्ड फोरम ने प्रतिबंधित सिख संगठन सिख फॉर जस्टिस संगठन के समन्वयक गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग की है। फोरम ने अमेरिका में रह रहे पन्नू पर भारतीयों के बीच देश विरोधी भावनाएं भड़काने और लोगों को विभाजनकारी व विध्वंसक गतिविधियों के लिए उकसाने का आरोप लगाया है।
इंडियन वर्ल्ड फोरम ने एक आधिकारिक बयान में कहा है कि गुरपतवंत सिंह पन्नू ने 1.52 मिनट का एक वीडियो जारी किया है जिसमें उसने सिखों से नई दिल्ली में 22 जुलाई को तलवारों और खालिस्तानी झंडों के साथ संसद को घेरने और देश विरोधी नारे लगाने की अपील की है।
दिल्ली पुलिस कमिश्नर को भेजे अपने खत में फोरम ने इंटरपोल की मदद से पन्नू और उसके विदेशों में बैठे समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। इससे पहले पन्नू ने खालिस्तान के गठन की मांग को लेकर रेफरेंडम 2020 मिशन की शुरुआत की थी लेकिन देश में सिखों का समर्थन न मिलने के चलते यह मुहिम नाकाम हो गई थी।
फोरम ने अपने पत्र में कहा है कि पन्नू के समर्थक कनाडा, ब्रिटेन और अमेरिका से पंजाब में उपद्रवियों को फंड मुहैया करा रहे हैं ताकि कानून व्यवस्था की स्थिति को बिगाड़ा जा सके। इसमें उसका साथ पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई भी दे रही है।
बता दें कि गणतंत्र दिवस पर हुए उपद्रव में किसान आंदोलन में शुरू से ही लोगों को तोड़फोड़ के लिए उकसाने वाला आतंकवादी एवं सिख फॉर जस्टिस संगठन का संस्थापक और कानूनी सलाहकार गुरपतवंत सिंह पन्नू दोबारा खतरनाक साजिश रच रहा था। अमेरिका में रहने वाला पन्नू किसानों और मीडिया कर्मियों को लगातार संदेश भेज रहा था। अपने मैसेज में पन्नू ने गणतंत्र दिवस पर हुए उपद्रव में घायल और आंदोलन के विभिन्न चरणों में जान गंवाने वाले किसानों का विवरण देने की बात कही थी।
पन्नू ने कहा था कि वह इस मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र संघ में ले जाएगा। वहां पर मोदी सरकार के उन कदमों की जानकारी दी जाएगी, जिसके जरिए किसानों को प्रताड़ित किया जा रहा है। सरकार जानबूझकर किसान विरोधी कृषि कानूनों को वापस नहीं ले रही है। देशभर के किसानों को खेत खलियान छोड़कर सड़क पर बैठने के लिए मजबूर किया जा रहा है। केंद्रीय एजेंसियां, आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू के इस मैसेज पर नजर रख रही थी।