अगर भारत की बड़ी यूनिवर्सिटियों के रिसर्च सिस्टम को देखा जाए तो इसकी हालत काफी खस्ता है। एक स्टडी सामने आई है जिसके मुताबिक कैम्ब्रिज और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के सामने भारत रिसर्च के मामले में काफी पीछे है।
इसके पीछे कई अहम कारण रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर, फंडिंग और इंसेन्टिव में कमी हैं। इंडियन एक्स्प्रेस की खबर के मुताबिक करीब 39 यूनिवर्सिटीज को मिलाकर ये रिसर्च किया गया है। वैज्ञानिकों ने यूनिवर्सिटियों के अनुसंधान प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया है जिसमें कुल प्रकाशकों, कुल प्रशंसा पत्र और अंतर्राष्ट्रीय सहयोगियों के साथ प्रकाशन की संख्या शामिल है।
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के छात्र का कहना है कि बुनियादी ढांचों में कमी, पैसे की कमी, शोध निधि की अत्यधिक नौकरशाही व्यवस्था, अक्षम संकाय सदस्यों, अनुसंधान के लिए कम प्रोत्साहन और भारतीय संस्थानों के खराब प्रशासनिक संरचनाएं रिसर्च की इस हालत के लिए जिम्मेदार हैं।
हालांकि, दिल्ली और बीएचयू इस मामले में विदेश की यूनिवर्सिटिज को टक्कर देती हैं, लेकिन ओवर ऑल में परिणाम बिल्कुल उल्टे हैं। बता दें कि पिछले साल भारत हाई क्वालिटी रिसर्च के मामले में दूसरे नंबर पर रहा था, वहीं चीन पहले नंबर पर था।