विदेश मंत्री भारत सरकार सुषमा स्वराज ने शहर के छात्र प्रणव शांडिल्य की यूक्रेन में हत्या के मामले में उसके शव को भारत मंगवाने की कार्रवाई तेज करा दी है। यूक्रेन में भारत के राजदूत ने मौके पर जाकर घटना की जानकारी लेकर शव को भारत लाने से संबंधित कार्रवाई शुरू कर दी है। सरकार की ओर से मृतक के परिजनों से उसकी आईडी आदि मांगी गई है।
शहर कोतवाली के मोहल्ला सुथराशाही निवासी परमेश शर्मा का छोटा बेटा प्रणव शांडिल्य यूक्रेन में डॉक्टरी की पढ़ाई कर रहा था। शनिवार रात एक महिला सहित तीन हमलावरों ने उसके कमरे में घुसकर लूट की नीयत से चाकुओं से हमला कर दिया था, जिसमें प्रणव की मौके पर ही मौत हो गई थी। मामला मीडिया में छाने पर केंद्र सरकार और स्थानीय प्रशासन सक्रिय हो गया।
सोमवार रात डीएम डीके सिंह और एसएसपी केबी सिंह ने मृतक के पिता से मुलाकात की और केंद्र सरकार से हरसंभव मदद कराने का आश्वासन दिया। मंगलवार सुबह इस मामले में मृतक के बड़े भाई अधिवक्ता मुकुल शर्मा दिल्ली स्थित यूक्रेन एंबेसी पहुंचे और वारदात की जानकारी देकर शव को भारत मंगाने की मांग की।
उधर, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने प्रणव के पिता से फोन पर बात की। उन्होंने परिवार को ढांढस बंधाते हुए हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। विदेश मंत्री ने यूक्रेन में भारत के राजदूत को घटनास्थल पर भेजा। राजदूत ने मौके पर जाकर घटना की जानकारी ली। राजदूत के सचिव वीएस वाटला ने भारत से मृतक की आईडी से संबंधित सभी पेपर पूरे कराए।
फिलहाल केंद्र सरकार ने शव को भारत लाने के लिए यूक्रेन सरकार पर पूरा दबाव बनाया है। मृतक के पिता परमेश शर्मा ने बताया कि मंगलवार से प्रशासन और केंद्र सरकार की ओर से उन्हें पूरा सहयोग मिल रहा है।
शव आने की देरी से परिजन परेशान
शव को लाने में लगेंगे 30 घंटे
शहर के मोहल्ला सुथराशाही निवासी पत्रकार परमेश शर्मा के पुत्र प्रणव की यूक्रेन में हत्या के बाद परिवार के सामने विषम परिस्थिति आ गई है। एक तो जवान बेटे की मौत, दूसरे शव के आने में लग रहा समय। दोनों बातों ने परिवार पर गमों का पहाड़ गिरा दिया है। शहर निवासी होनहार छात्र प्रणव शांडिल्य की शनिवार रात यूक्रेन में लुटेरों ने चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी।
सोमवार सुबह घटना के बारे में पता चला तो पूरा परिवार होश खो बैठा। उधर शव के आने में हो रही देरी ने भी परिवार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हालांकि शव को लाने की प्रक्रिया सरकार ने शुरू कर दी है। अभी एक से दो दिन शव के भारत पहुंचने में लग जाएंगे। शव नहीं आने तक परिजनों को अभी इंतजार करना होगा।
शव को लाने में लगेंगे 30 घंटे
कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद भी शव को भारत लाने में कम से कम 30 घंटे लगेंगे, यानी करीब डेढ़ दिन। दिल्ली से यूक्रेन की राजधानी कीव का करीब 16-17 घंटे का सफर है। कीव से घटनास्थल करीब 700 से 800 किलोमीटर के करीब है, जिसमें वहां जाने में रेल या कार से जाने में 14 से 15 घंटे लग जाते हैं। यदि मंगलवार रात शव को वहां से लेकर चले तो भी वह गुरुवार तक भारत पहुंचेंगे।
चाहे कुछ हो कातिलों को सजा दिलाएंगे
यूक्रेन में हुई वारदात में मारे गए शहर के छात्र प्रणव के पिता गम और गुस्से में डूबे हुए हैं। बेटे की हत्या से क्षुब्ध पिता परमेश शर्मा का कहना है कि चाहे कुछ भी हो जाए, उन्हें कुछ भी करना पड़े लेकिन वो कातिलों को सजा दिलाकर रहेंगे।
नेताओं को लगा रहा जमावड़ा
मृतक के परिवार को सांत्वना देने में प्रशासन के अधिकारियों और नेताओं को जमावड़ा लगा हुआ है। सोमवार को डीएम और एसएसपी पहुंचे थे। मंगलवार को भाजपा विधायक कपिलदेव अग्रवाल पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और उन्हें सांत्वना दी। इसके अलावा कांग्रेस सलमान सईद, राकेश पुंडीर ने भी पीड़ित परिवार का दुख साझा किया।