अपने इस अनुभव के बारे में ईशा ने कहा कि यह मौका उनके लिए बेहद खास है। ईशा ने कहा कि एक दिन का राजदूत बन कर उसे पता चला है कि भारत व ब्रिटेन के बीच संबंध कितने गहरे हैं। इस प्रतियोगिता के लिए क्या खास मेहनत की थी, इसके जवाब में ईशा ने कहा, 'मेरे लिए यह काफी आसान था, मुझे सिर्फ एक वीडियो बनाकर फेसबुक पर अपलोड करनी थी, जो यह बताती थी कि लैंगिक समानता मेरे लिए क्या है। कुछ हफ्तों के बाद मेरे पास एक मेल आया, जिसमें लिखा था कि मैं जीत गई हूं। ये एक बेहद शानदार अनुभव था।'
वहीं, ब्रिटिश हाई कमिश्नर डोमिनिक एस्क्विथ ने कहा, 'मुझे खुशी है कि हम यह प्रतियोगिता आयोजित करा सके और भारतीय युवतियों को उनके मुद्दों पर बात करने के लिए मंच दे सके।' उन्होंने सभी प्रतिभागियों को धन्यवाद कहा। ईशा के बारे में डोमिनिक ने कहा कि ईशा का व्यक्तित्व प्रभावशाली है। उनका विडियो बेहतरीन था। उन्होंने कहा कि ईशा वास्तव में बालिकाओं के अधिकारों के लिए तत्पर है।