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'बेटे की मौत से अनजान है मां, छुप-छुपकर रो रहा भाई'

Wed, 13 Apr 2016 05:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मुरादाबाद

सार

  • बीमार मां को अभी तक नहीं दी बेटे की मौत की खबर
  • दरवाजा खटखटाते ही बाहर आ जाता है भाई सनी सिंह
  • बेटे की मौत का सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाएगी मां
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अंकुर सिंह - फोटो : amar ujala bureau
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विस्तार
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यूक्रेन में मारे गए मेडिकल छात्र अंकुर सिंह की मौत से उसकी मां मूर्ति देवी अंजान है। मां को अब भी उम्मीद है कि सात समंदर पार बैठा उसका बेटा जल्द ही डॉक्टर बनकर घर लौटेगा। सुबह से शाम तक वह अनगिनत बार बेटे को याद करती है। लेकिन इस मां के सपने चकनाचूर हो चुके हैं। त्रिमूर्ति टूट चुकी है। अब उसके दो ही बेटे बचे हैं। तीसरा बेटा अब इतनी दूर जा चुका है। जहां से वह कभी वापस नहीं लौट पाएगा।
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पति और दूसरे बेटे ने अंकुर की मौत की खबर भी मूर्ति नहीं दी है। घर में मौजूद अंकुर सिंह का दूसरा भाई भी तड़प रहा है। लेकिन उसने अभी तक मां को एहसास तक नहीं होने दिया है कि अंकुर की मौत हो चुकी है। भाई की याद में वह कभी छत पर जाकर आंसू बहाता है तो कभी दूसरे कमरे में बैठ कर। दरवाजे की ओर से हल्की सी आहट भी सनी को डरा देती है।

वह सोचने लगा है कि कहीं कोई अंदर न आ जाए और मां को भाई की मौत की खबर न लग जाए। इस घबराहट में वह बार बार दरवाजे पर पहुंच जाता है और आने जाने वाले लोगों को समझा बुझकर बाहर से ही लौट रहा है। उसका कहना है कि मां बीमार है। भाई की लाश आने के बाद ही उसे जानकारी दी जाएगी। वरना वह बेटे की मौत का सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाएगी।
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यूक्रेन में मारे गए जिस अंकुर सिंह को गाजियाबाद निवासी बताया जा रहा था। लेकिन उसका परिवार मुरादाबाद के सिविल लाइंस थानाक्षेत्र के गौतम नगर मुकर्रबपुर में रहता है। अंकुर सिंह का बड़ा भाई विनय देहरादून की एक निजी कंपनी में नौकरी करता है। जबकि छोटा भाई बीटेक कर रहा है। पिता बिशन सिंह पुलिस विभाग में ड्राइवर हैं। इन दिनों उनकी तैनाती बरेली में है।

सनी सिंह ने बताया कि अंकुर सिंह यूक्रेन की उझगोरोद मेकिल कालेज में पढ़ाई कर रहा था। तीन साल वह यूक्रेन में ही रह रहा था। एक साल बाद उसका फाइनल रिजल्ट आना था। सोमवार सुबह पिता के मोबाइल पर कॉल आई थी। तब बताया गया था कि अंकुर के साथ यूक्रेन में घटना हो हुई है। बड़ा भाई विजय और पिता बिशन सिंह दिल्ली चले गए हैं और वहां विदेशसे लाश लौटने का इंतजार कर रहे हैं। जबकि मां को अभी अंकुर की मौत  की जानकारी दी है। वह हार्ट की मरीज हैं। जिन लोगों का जानकारी हो गई है। उन्हें भी समझा दिया गया है कि वह मां के साथ कोई जिक्र न करें।
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फरवरी में बहन की शादी में आया था अंकुर

यूक्रेन में भारतीय छात्र की हत्या - फोटो : amar ujala bureau
अंकुर पूरे परिवार का लाडला था। छात्र अंकुर भले ही विदेश में रह कर पढ़ाई कर रहा था। लेकिन घर के सभी काम उसके कहने पर होते थे। फरवरी में बहन की शादी थी। उसके कहने पर ही शादी की तारीख रखी गई थी। तब अंकुर शादी में आया था। लेकिन शादी के तुरंत बाद ही वापस यूक्रेन चला गया था।

जल्द ही घर लौटने वाला था छात्र 
अंकुर के भाई ने बताया कि नौ अप्रैल को अंकुर से फोन पर बात हुई थी। उस उसने सब कुछ ठीक ठाक बताया था। उसने किसी झगड़े व विवाद की भी कोई जानकारी नहीं दी थी। उसने बताया था कि उसकी परीक्षा समाप्त होने वाली है। वह जल्द ही वापस आने की बात कह रहा था। लेकिन उसके बाद ही उस पर हमला कर दिया गया। 

पिता और दूसरा भाई दिल्ली में 
अंकुर के पिता और दूसरा भाई विनय सिंह दिल्ली में मौजूद हैं। वह सरकार और दूतावास से संपर्क कर लाश भारत लाने की कोशिश में जुटे हैं। उनके साथ रिश्तेदार और अन्य लोग भी मौजूद हैं। वह सनी को वहां की पल पल की खबर दे रहे हैं। साथ वह ये भी पूछ रहे है कि अंकुर की मां को तो नहीं बताया है कि बेटे की मौत हो गई है। 

अंकुर को डॉक्टर बनाने में जुटा था परिवार
अंकुर को बचपन से ही डॉक्टर बनने का जुनून सवार था। इसके लिए उसने मां-बाप और भाइयों से कई बार कहा था कि उसे डॉक्टर ही बनेगा। इसके लिए उसने कड़ी मेहनत भी की थी। सीपीएमटी की परीक्षा भी दी थी। इसके बाद वह विदेश चला गया था। पूरा परिवार उसे सपोर्ट कर रहा था। पिता पुलिस विभाग में तैनात हैं, जबकि एक भाई प्राइवेट नौकरी करता है। लेकिन अंकुर की जरूरतें पूरी कराने में कोई कमी नहीं की जा रही थी।  

बार-बार लोगों के आने पर पड़ोसियों को हुआ शक
मंगलवार दोपहर तक अंकुर के आस पड़ोस और मोहल्ले में किसी को जानकारी नहीं थी कि अंकुर की हत्या हो चुकी है। वह तो बस इतना ही जानते थे कि अंकुर कहीं विदेश में पढ़ाई कर रहा है। लेकिन मंगलवार को मीडिया कर्मियों के बार बार अंकुर के घर पहुंचने पर लोग समझ गए कि कोई बात जरूर है। इसके बाद उन्होंने भी पूछताछ शुरू कर दी। 

सिम कार्ड के आईडी प्रूफ से मिला घर
बिशन सिंह ने बताया था कि वह गाजियाबाद में रहते हैं। लेकिन उसका परिवार मुरादाबाद में रहता है। इसके अवाला उन्होंने किसी को कुछ नहीं बताया था। इसके बाद उन्होंने अपना मोबाइल भी बंद कर लिया था। तब उनके मोबाइल नंबर की आईडी निकाली गई थी। तब पता चला कि वह नंबर किसी विनय सिंह के नाम पर जारी किया गया है। विनय सिंह सिविल लाइंस के गौतम नगर में रहते हैं। इस पते पर जाकर पूछताछ की। तब पता चला कि वह नंबर अंकुर के दूसरे भाई विनय के नंबर पर जारी किया गया है। गाजियाबाद में भी बिशन सिंह का मकान है।
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