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ISRO: इसरो के नाम दर्ज होगी एक और उपलब्धि, PSLV-C54 मिशन के लिए शुरू हुई उल्टी गिनती

Fri, 25 Nov 2022 11:14 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई

सार

इसरो कल चेन्नई में स्थित श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र से ओशनसैट-3 और 8 नैनो सैटेलाइट के साथ पीएसएलवी-सी54-ios-06 मिशन लॉन्च करेगा। ये पूरा मिशन लगभग 8,200 सेकेंड (2 घंटे 20 मीटर) तक चलने वाला है। इस दौरान प्राथमिक उपग्रहों और नैनो उपग्रहों को दो अलग-अलग सोलर सनक्रोनस पोलर ऑर्बिट्स (एसएसपीओ) में लॉन्च किया जाएगा।
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विस्तार
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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वैज्ञानिक शनिवार को एक और इतिहास रचेंगे। दरअसल, इसरो 26 नवंबर शनिवार यानी कल चेन्नई में स्थित श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र से ओशनसैट-3 और 8 नैनो सैटेलाइट के साथ पीएसएलवी-सी54-ios-06 मिशन लॉन्च करेगा। इस मिशन के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वैज्ञानिकों ने उल्टी गिनती भी शुरू कर दी है। गौरतलब है कि इस मिशन के तहत इसरो भूटान की एक सैटेलाइट का प्रक्षेपण भी करेगा। 

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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने इस लांच कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी थी। इसरो ने बताया था कि शनिवार यानी कल सुबह 11 बजकर 56 मिनट पर ये मिशन लांच किया जाएगा। इसके तहत, ईओएस-06 (ओशनसैट-3) और 8 नैनो सैटेलाइट में पिक्सेल से आनंद, भूटानसैट, ध्रुव अंतरिक्ष से दो थायबोल्ट और स्पेसफ्लाइट यूएसए से 4 एस्ट्रोकास्ट लॉन्च किए जाएंगे। इसके लिए उल्टी गिनती आज सुबह 10 बजकर 26 मिनट से शुरू की गई। 

उन्होंने यह भी कहा कि ये पूरा मिशन लगभग 8,200 सेकेंड (2 घंटे 20 मीटर) तक चलने वाला है। इस दौरान प्राथमिक उपग्रहों और नैनो उपग्रहों को दो अलग-अलग सोलर सनक्रोनस पोलर ऑर्बिट्स (एसएसपीओ) में लॉन्च किया जाएगा। सूत्रों ने बताया कि रॉकेट का प्राथमिक पेलोड एक ओशनसैट है जिसे कक्षा -1 में अलग किया जाएगा। वहीं, आठ अन्य नैनो-उपग्रहों को ग्राहकों की आवश्यकताओं के आधार पर (सूर्य-समकालिक ध्रुवीय कक्षाओं) में अलग-अलग कक्षाओं में रखा जाएगा। 
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सूत्रों ने यह भी बताया कि यह मिशन इसरो के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए सबसे लंबे मिशनों में से एक होगा। ये पीएसएलवी-सी54 प्रक्षेपण यान में इस्तेमाल होने वाले टू-ऑर्बिट चेंज थ्रस्टर्स (ओसीटी) का उपयोग करके कक्षाओं को बदलने के लिए रॉकेट को शामिल करेगा। अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट को ऑर्बिट-1 में अलग किया जाएगा जबकि यात्री पेलोड को ऑर्बिट-2 में अलग किया जाएगा।

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