स्वदेशी सामान यानी भारतीय कंपनियों द्वारा देश में तैयार किया जा रहा सामान अब भारतीय रेल में उपलब्ध होगा। इससे देश की आर्थिक स्थिति तो मजबूत होगी ही, साथ ही रेलवे के राजस्व में भी इजाफा होगा। इस उद्देश्य के साथ भारतीय रेल ने उन भारतीय कंपनियों की फेहरिस्त बनाई है, जिनके उत्पाद यात्रा के दौरान बेचे जाएंगे। रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मेल टुडे को बताया कि रेलवे का लक्ष्य एक हजार सात सौ करोड़ रुपए स्वदेशी प्रचार और यात्रा के दौरान सेवा उपलब्ध कराकर राजस्व कमाने का है। इसमें बाबा रामदेव के पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के उत्पाद और फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स के तहत हिंदुस्तान यूनिलीवर के उत्पाद भी शामिल हैं।
रेलवे इस योजना को अमली जामा पहनाने के लिए करीब दर्जन भर कंपनियों से बात कर रही है। योजना लागू होने पर कंपनियां को यात्रा के दौरान अपने उत्पाद बेच सकेंगी। फिलहाल इस पर फैसला लंबित है।
रेलवे के सूत्रों के मुताबिक स्वदेशी योजना के अंतर्गत प्रचार पर खासा ध्यान दिया जाएगा। राजधानी, दुरंतों, शताब्दी और तेजस जैसी लक्जरी ट्रेनों के डिब्बे 'स्वदेशी' के प्रचार वाले आवरण से ढके जा सकते हैं।