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खुशखबर: अब बिना रिजर्वेशन भी कर सकेंगे यात्रा, रेलवे 5 अप्रैल से शुरू करेगा 71 अनारक्षित ट्रेनें

Sat, 03 Apr 2021 03:12 PM IST
दीप्ति मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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रेलवे - फोटो : अमर उजाला।
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कोरोना संक्रमण के बीच रेलवे ने यात्रियों की सहूलियत के लिए बड़ी संख्या में अनारक्षित ट्रेनें पटरी पर उतारने का फैसला किया है। इन गाड़ियों के पटरी पर दौड़ने से दिल्ली-एनसीआर के साथ ही सहारनपुर, अमृतसर, फिरोजपुर, फजिल्का समेत कई जगहों की राह आसान होगी। 5 अप्रैल से ज्यादातर अनारक्षित ट्रेन लोगों की राह आसान करने लगेंगी। उत्तरी रेलवे की तरफ से कुल 71 अनारक्षित मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों की सूची जारी की गई। वहीं रेल मंत्रालय ने ट्वीट कर शनिवार को इसकी जानकारी दी है। 

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रेल मंत्रालय ने ट्वीट किया, ''रेलवे भारतीय रेल यात्री सुविधाओं में बढ़ोतरी करते हुए 5 अप्रैल से 71 अनारक्षित ट्रेन सेवाएं आरंभ करने जा रहा है। ये ट्रेनें यात्रियों के सुरक्षित और आरामदायक सफर को सुनिश्चित करेंगी।'' इस ट्वीट में एक लिंक दिया गया है, जिसमें ट्रेनों की सूची दी गई है। 




बता दें कि कोविड की वजह से अनारक्षित ट्रेनें स्पेशल ट्रेन के नाम से चलेंगी। लिहाजा इन ट्रेनों का किराया पैसेंजर ट्रेनों जैसा सस्ता नहीं होगा बल्कि मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों जैसा होगा। 
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यहां के लिए होंगी अनारक्षित ट्रेनें

रेलवे के मुताबिक, सहारनपुर-दिल्ली जंक्शन, फिरोजपुर कैंट-लुधियाना, फजिल्का-लुधियाना, बठिंडा-लुधियाना, वाराणसी-प्रतापगढ़, सहारनपुर-नई दिल्ली, जाखल-दिल्ली जंक्शन, गाजियाबाद-पानीपत, शाहजहांपुर-सीतापुर, गाजियाबाद-मुरादाबाद समेत कई शहरों के लिए अनारक्षित ट्रेन चलेंगी।

पीयूष गोयल ने 'रेल परिवार' को दी बधाई
रेल मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को करीब 13 लाख रेल कर्मचारियों को पत्र लिखा और कोरोना वायरस संकट के दौरान उनके काम के लिए उनका शुक्रिया अदा किया।उन्होंने कहा कि पिछला साल कुछ ऐसा था जैसा पहले कभी नहीं देखा गया। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे अपने नुकसान को कभी नहीं भुलाया जाएगा, लेकिन यह रेल परिवार का धैर्य, दृढ़ निश्चय और संकल्प था जो अभूतपूर्व महामारी के दौर में विजयी साबित हुआ।’’

गोयल ने कहा कि कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान ‘रेलवे परिवार’ ने अपने आप को राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित किया। जब दुनिया ठहर गई, तो रेलवकर्मियों ने एक दिन की भी छुट्टी नहीं ली और अर्थव्यवस्था के पहियों को चलाते रहने के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर और कड़ी मेहनत की।

रेल मंत्री ने कहा, ‘‘लॉकडाउन के दौरान पाबंदियों के कारण 370 बड़े सुरक्षा और बुनियादी ढांचे संबंधी कार्य पूरे किए गए। किसान रेल सेवाएं बड़े बाजारों के साथ हमारे ‘अन्नदाताओं’ को सीधे जोड़ने का जरिया बनी। आपने अपनी सेवा से इसे संभव कर दिखाया और लाखों की जिंदगियों और दिलों को छुआ। यह मेरे लिए बहुत गर्व की बात है कि रेलवे ने अपने असाधारण काम से अर्थव्यवस्था की बहाली की अगुवाई की।’’
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