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कवायद: रेलवे सौ से ज्यादा स्टेशनों पर फूड प्लाजा खोलकर जुटाएगा राजस्व, आईआरसीटीसी की वजह से लिया यह फैसला

Sat, 12 Mar 2022 08:51 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

8 मार्च को जारी आदेश में 17 जोनल रेलवे को स्टेशनों पर खाली स्थान का उपयोग ऐसी इकाइयां खोलने के लिए करने की इजाजत दी गई है। आदेश में कहा गया है कि स्टेशनों पर आईआरसीटीसी को दिए गए खाली स्थानों का उपयोग नहीं होने से यात्रियों को सुविधाएं नहीं मिल पा रही थीं और रेलवे को राजस्व का नुकसान हो रहा था। 
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भारतीय रेल - फोटो : Twitter
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विस्तार
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अपनी शाखा (इंडियन रेलवे टूरिज्म एंड कैटरिंग कॉरपोरेशन) आईआरसीटीसी के रुचि नहीं लेने पर रेलवे ने किराए से अलग राजस्व जुटाने के लिए स्टेशनों पर फूड प्लाजा, फास्ट फूड यूनिट और बहु-व्यंजन रेस्तरां खोलने का निर्णय लिया है। इस संबंध में रेलवे बोर्ड ने आदेश भी जारी कर दिया है।

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अपने प्राथमिक काम ट्रेनों के संचालन पर ही ध्यान देने के लिए रेलवे ने चलती ट्रेनों और अन्य स्थानों पर भोजन उपलब्ध कराने का जिम्मा आईआरसीटीसी को सौंपा था। इसके बाद भी आईआरसीटीसी ने स्टेशनों पर ऐसी इकाइयां स्थापित नहीं कीं। अब इनका जिम्मा जोनल रेलवे को सौंपने का फैसला हुआ है। 

8 मार्च को जारी आदेश में 17 जोनल रेलवे को स्टेशनों पर खाली स्थान का उपयोग ऐसी इकाइयां खोलने के लिए करने की इजाजत दी गई है। आदेश में कहा गया है कि स्टेशनों पर आईआरसीटीसी को दिए गए खाली स्थानों का उपयोग नहीं होने से यात्रियों को सुविधाएं नहीं मिल पा रही थीं और रेलवे को राजस्व का नुकसान हो रहा था। 
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जोनल रेलवे यहां फूड प्लाजा, फास्ट फूड यूनिट और रेस्तरां स्थापित करने की इजाजत मांग रहे थे। सूत्रों का कहना है कि जोनल रेलवे यहां 100-150 इकाइयां स्थापित करने की योजना बना रहे हैं। अब जोनल रेलवे के महाप्रबंधक एक साल या ज्यादा समय से खाली इन स्थानों का निरीक्षण कर बड़ी कैटरिंग यूनिट, स्थानीय अथवा क्षेत्रीय फूड आउटलेट खोलने पर फैसला करेंगे।

आईआरसीटीसी के लिए बाधा बनी थी ज्यादा लाइसेंस फीस
जानकारों का कहना है कि 2017 की खानपान नीति के तहत तय ज्यादा लाइसेंस फीस, रेलवे की संपत्ति की ऊंची दर और गलत स्थानों का चयन फूड कोर्ट की स्थापना में आईआरसीटीसी के लिए बाधा थे। हालांकि इन दिनों इस नीति पर पुनर्विचार चल रहा है।

खुली निविदा के माध्यम से नौ साल के लिए मिलेगा ठेका
आदेश के मुताबिक, आईआरसीटीसी से ये स्थान वापस लेने के लिए भी समन्वय बनाकर निर्धारित प्रक्रिया का पालन होगा। नियमों और शर्तों के मुताबिक ठेका या अनुबंध, यदि कोई हो, पर भी विचार होगा। इसके बाद, 2017 की खानपान नीति के मुताबिक, खुली निविदा के माध्यम से नौ साल के लिए फूड प्लाजा, फास्ट फूड इकाई अथवा बहुव्यंजन रेस्तरां का आवंटन होगा।

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