भारतीय रेलवे ने ई-पास और पीटोओं पर यात्रा करने वाले अपने वर्तमान रेलवे कर्मचारी और रिटायर्ड कर्मियों के लिए टिकट जांच की प्रक्रिया को कठोर बनाने के लिए नए नियम लागू कर दिए है। दरअसल,एचआरएमएस सिस्टम से ई-पास,पीटीओ बनने और आईआरसीटीसी पर ई टिकट बुकिंग की शुरुआत के बाद से ही कई बार कर्मचारियों और टीटीई के ब्रीच भ्रम की स्थिति पैदा हो रही थी। इसी को दूर करने के लिए रेलवे बोर्ड ने औपचारिक दिशा-निर्देश जारी कर दिए है।
ई-पास और पीटीओ रेलवे कर्मचारियों व रिटायर्ड कर्मचारियों को दी जाने वाली यात्रा सुविधाएं है। ई-पास के जरिए वे मुफ्त यात्रा कर सकते है। जबकि पीटीओं (प्रिविलेज टिकट आर्डर) रियायती किराए पर टिकट लेने की सुविधा देता है। अब ये दोनों ही सुविधाएं पूरी तरह से ऑनलाइन ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल से जारी होती है। नए नियमों के मुताबिक, ई-पास, पीटीओ पर यात्रा करते समय कर्मचारी और परिवार के पात्र सदस्यों को ई-टिक रखना अनिवार्य है। यह टिकट मोबाइल में डिजिटल रूप में या फिर प्रिंट लेआउट के रूप में दिखाना अनिवार्य होगा। अगर कोई टिकट नहीं दिखा सकेगा तो ऐसी स्थिति में आईआरसीटीसी के नियमों के मुताबिक 50 रुपए का जुर्माना लगेगा। यह नियम सभी श्रेणियों के कर्मचारियों के लिए समान रूप से लागू होगा।