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Indian Railways: मानव रहित क्रॉसिंग से मुक्त हुआ बड़ी लाइन नेटवर्क, भारतीय रेलवे इस मिशन पर भी कर रहा काम

Tue, 20 Sep 2022 07:48 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

लवे ने यह भी बताया कि वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान 1000 के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 216 मानव संचालित क्रॉसिंग को समाप्त किया गया है। ये वित्तीय वर्ष 2021-22 में इसी अवधि के दौरान की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक है। 
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ट्रेन - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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विश्व के सबसे बड़े रेलवे नेटवर्क में से एक भारतीय रेल अब अनमैन्ड लेवल क्रॉसिंग यानि कि मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग से मुक्त हो गया है। रेल मंत्रालय ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी। मंत्रालय ने बताया कि सभी मानव रहित क्रासिंग को भारतीय रेलवे के ब्रॉड गेज नेटवर्क (बड़ी लाइन) से हटा दिया गया है। इसके साथ ही इस रेल नेटवर्क पर क्रॉसिंग को खत्म करने की दिशा में भी तेजी से काम किया जा रहा है। 

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रेल मंत्रालय के मुताबिक, अनमैन्ड लेवल क्रॉसिंग यानि कि मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग को प्रति वर्ष हटाने की दिशा में पूर्व केंद्रीय सरकार की तुलना में वर्तमान सरकार के कार्यकाल में तेजी आई है। साल 2009-14 के बीच प्रति वर्ष जहां औसतन 1137 मानव रहित रेलवे क्रासिंग को खत्म किया गया था, वहीं, 2014 से 2019 के दौरान अब औसतन हर साल 1884 मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग खत्म की जा रहीं हैं। 

वहीं,रेलवे ने यह भी बताया कि वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान 1000 के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 216 मानव संचालित क्रॉसिंग को समाप्त कर दिया गया। ये  वित्तीय वर्ष 2021-22 में इसी अवधि के दौरान की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक है। 
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मंत्रालय के बयान में आगे कहा गया है कि 2014 से 2022 के दौरान हर साल 676 मानव संचालित क्रॉसिंग को बंद किया गया, जबकि 2009-14 की अवधि के दौरान यह आंकड़ा प्रति वर्ष 199 था।

मंत्रालय ने अपने बयान में बताया कि मानव संचालित क्रॉसिंग को खत्म करने के कार्य में तेजी लाने के उद्देश्य से कई उपाय अपनाए जा रहे हैं।  इसमें सड़क के ऊपर और नीचे पुलों (आरओबी/आरयूबी) बनाया जाना आदि हैं। गौरतलब है कि इस काम को गति देने के लिए पिछले वित्त वर्ष 2021-22 (44 प्रतिशत की वृद्धि) में आवंटित राशि 4,500 करोड़ रुपये को बढ़ाकर 6,500 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

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