Train Luggage Weight Limit: क्या रेलवे ट्रेन में सामान ले जाने के नियम और सख्त करने वाला है? इस तरह की चर्चाओं के बीच रेल मंत्रालय ने जानकारी साझा की है। जिसमें कहा गया है कि ऐसा कोई नया सर्कुलर नहीं जारी किया गया है। यानी रेलवे द्वारा लगेज को लेकर कोई नया नियम लाने की कोई योजना नहीं है।
क्या ट्रेन में तय सीमा से अधिक वजन का सामान लेकर यात्रा करने पर अतिरिक्त शुल्क देना होगा? क्या रेलवे यात्रियों की सुविधा बढ़ाने और कोच के गलियारों को बाधा मुक्त रखने के उद्देश्य से नियमों को और सख्त करने वाला है? इन सवालों को पर रेलवे की तरफ से जानकारी साझा की गई है। इसमें कहा गया है कि ये रेलवे का पुराना सर्कुलर है। इन पुराने प्रावधानों का उद्देश्य भी यात्रियों से अतिरिक्त धनराशि वसूलने से अधिक सहयत्रियों को होने वाली असुविधा से बचाना है। निष्कर्षतः रेलवे द्वारा लगेज को लेकर कोई नया नियम लाने की कोई योजना नहीं है।
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इससे पहले रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में बताया था कि यात्रियों के लिए कोच के अनुसार मुफ्त सामान ले जाने की सीमा तय की गई है। नियमों के तहत स्लीपर क्लास में 40 किलो, एसी फर्स्ट क्लास में 70 किलो और एसी 2-टियर में 50 किलो तक का सामान बिना शुल्क ले जाया जा सकेगा। इससे अधिक वजन होने पर यात्रियों को तय दर से डेढ़ गुना शुल्क देना होगा।
किसे कितना सामान ले जाने की छूट
रेलवे के अनुसार, स्लीपर क्लास में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए 40 किलो से अधिक सामान ले जाना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। वहीं, एसी 2-टियर यात्रियों को 50 किलो और एसी फर्स्ट क्लास यात्रियों को 70 किलो तक सामान ले जाने की अनुमति है। इससे अधिक वजन होने पर स्टेशन पर ही अतिरिक्त शुल्क वसूला जाएगा।
बड़े सूटकेस अब कोच में नहीं
रेलवे ने सामान के आकार को लेकर भी सख्त नियम बनाए हैं। सूटकेस या ट्रंक की लंबाई, चौड़ाई और ऊंचाई 100x60x25 सेंटीमीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए। इससे बड़ा सामान कोच में ले जाने की अनुमति नहीं होगी और उसे अनिवार्य रूप से लगेज वैन में बुक कराना होगा।
व्यावसायिक सामान पर रोक
रेल मंत्री ने साफ किया कि व्यावसायिक उपयोग की वस्तुएं जैसे बड़ी मात्रा में माल या व्यापारिक सामान को कोच में ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। ऐसे सामान केवल लगेज वैन के जरिए ही भेजे जा सकेंगे। रेलवे का कहना है कि इससे यात्रियों की सुरक्षा और आराम दोनों सुनिश्चित होंगे। रेलवे का मानना है कि इस व्यवस्था से कोच के अंदर भीड़ कम होगी और गलियारों में रखे भारी सामान से होने वाली परेशानी खत्म होगी। यात्रियों को चढ़ने-उतरने में आसानी होगी और दुर्घटनाओं की आशंका भी घटेगी। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले अपने सामान का वजन और आकार जरूर जांच लें।