भारतीय रेल द्वारा प्राइवेट ट्रेनों के परिचालन को लेकर मंगाए गए आवदेन में 15 कंपनियों ने दिलचस्पी दिखाई है। रेलवे बोर्ड ने बुधवार को जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें 15 कंपनियों से 120 आवेदन मिले हैं। इनमें रेल मंत्रालय की कंपनी इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन (आईआरसीटीसी), लार्सन एंड टूब्रो (एलएंडटी), हैवी इंडस्ट्रीज मिनिस्ट्री की कंपनी (भेल) और निजी क्षेत्र की अग्रणी कंपनी जीएमआर भी शामिल है। ऐसी 15 अलग-अलग कंपनियों ने देश में निजी ट्रेन चलाने में दिलचस्पी दिखाई है
गौरतलब है कि रेल मंत्रालय ने एक जुलाई को 109 मार्गों पर निजी ट्रेनों को अनुमति देने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू की थी। एक ऐसी प्रक्रिया जो पहली बार हाल के दशकों में सरकार के सबसे प्रमुख उद्यमों में से एक को निजी क्षेत्र के लिए खोलने के लिए शुरू की गई थी।
जिन 15 फर्मों ने क्लस्टर के लिए आवेदन किए हैं, उनमें अरविंद एविएशन, बीएचईएल, कांस्ट्रेक्युनिकेशंस वाई ऑक्जिलिएर डी फेरोकैरिलाइल्स, एसए, क्यूब हाईवे एंड इंफ्रास्ट्रक्चर III प्राइवेट लिमिटेड, गेटवे रेल फ्रेट लिमिटेड, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स लिमिटेड शामिल हैं। कुल मिलाकर, 14 भारतीय फर्म और एक स्पेनिश फर्म भारत में निजी गाड़ियों को चलाने की दौड़ में शामिल हैं।
इससे पहले अगस्त में नीलामी से पहले हुई बैठक में बॉम्बार्डियर ट्रांसपोर्टेशन इंडिया, सीमेंस लिमिटेड, एल्सटॉम ट्रांसपोर्ट इंडिया लिमिटेड सहित कुल 23 फर्मों ने रुचि दिखाई थी।
उल्लेखनीय है कि रेलवे ने 12 क्लस्टरों में 140 मार्गों पर पीपीपी के तहत निजी ट्रेनें चलाने के लिए एक जुलाई को आरएफक्यू मंगाए थे। सभी क्लस्टर मिलाकर निजी कंपनियों को कुल 151 अत्याधुनिक ट्रेनें लानी होंगी। रेल मंत्रालय के मुताबिक निजी ट्रेनों को परिचालन की अनुमति देने से रेलवे को 30 हजार करोड़ रुपये का निवेश आने की उम्मीद है।
रेलवे द्वारा 12 क्लस्टर्स में निजी ट्रेन चलाने की योजना है। इसमें मुंबई 1 और मुंबई 2, दिल्ली 1 और दिल्ली 2, चंडीगढ़, हावड़ा, पटना, प्रयागराज, सिकंदराबाद, जयपुर, चेन्नई और बंगलूरू शामिल हैं।
उधर रेलवे की तरफ से एक बयान में कहा गया कि इन आवेदनों का तेजी से मूल्यांकन किया जाएगा और क्वालीफाइड कंपनियों के लिए आरएफक्यू डॉक्यूमेंट्स नवंबर तक उपलब्ध हो जाएंगे। रेलवे का फरवरी, 2021 तक इस प्रक्रिया को पूरा करने का लक्ष्य है।