भारतीय रेलवे कोयला परिवहन में तेजी लाया है। भारतीय रेलवे द्वारा सितंबर 2021 और मार्च 2022 के बीच 32 प्रतिशत अधिक कोयले की ढुलाई हुई है। भारतीय रेलवे के मुताबिक, अप्रैल 2022 के बाद भी माल ढुलाई में 10 प्रतिशत की वृद्धि लाई गई है।
भारत के कई राज्यों में बिजली संयंत्रों में कोयले की कथित किल्लत को दूर करने के लिए रेलवे ने मोर्चा संभाल लिया है। इसके लिए रेलवे ने बिजली घरों तक कोयला पहुंचाने के लिए अतिरिक्त ट्रेनों की शुरुआत की है। इसको लेकर रेलवे ने एक बयान भी जारी किया है। जारी बयान के मुताबिक, रेलवे ने अपने नेटवर्क के माध्यम से कोयले के परिवहन में तेजी लाने के लिए अतिरिक्त ट्रेनों की शुरुआत की है। इससे बिजली संयंत्रों में कोयले की तेजी से आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।
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एएनआइ की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय रेलवे कोयला परिवहन में तेजी लाया है। भारतीय रेलवे द्वारा सितंबर 2021 और मार्च 2022 के बीच 32 प्रतिशत अधिक कोयले की ढुलाई हुई है। भारतीय रेलवे के मुताबिक, अप्रैल 2022 के बाद भी माल ढुलाई में 10 प्रतिशत की वृद्धि आई है। साल 2021-22 में भारतीय रेलवे ने कोयले के परिवहन में रिकार्ड 11.1 करोड़ टन की वृद्धि की है। इस बढ़ोतरी के साथ रेलवे ने कुल 65.3 करोड़ टन कोयले की ढुलाई की है। वहीं, बीते वर्ष यह ढुलाई 54.2 करोड़ टन थी।
गौरतलब है कि इस समय महाराष्ट्र सहित देश के कई राज्यों में कोयले की कमी के चलते बिजली कटौती की खबरें सामने आ रही हैं। इस पर कोयला सचिव एके जैन का कहना है कि मौजूदा बिजली संकट के लिए कोयले की कमी को जिम्मेदार नहीं है। वह इसकी मुख्य वजह अलग-अलग ईधन स्रोतों से होने वाले बिजली उत्पादन में आई तीव्र गिरावट को बताते हैं।
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उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी के बाद अर्थव्यवस्था में तेजी आने के कारण बिजली की मांग बढ़ी है, साथ ही गैस एवं आयातित कोयलों की कीमतों में बढ़ोतरी जैसे कारक बिजली संकट के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि ये बिजली संकट मांग और उत्पादन में संतुलन न होने की वजह से है।