रेलवे ने यात्रा आरक्षण फार्म में एक और कॉलम बढ़ा दिया है। बच्चों के लिए कंफर्म सीट नहीं लेने पर आरक्षण फार्म में इस विकल्प को चुन सकते हैं। मंत्रालय अभी ऑनलाइन आरक्षित टिकट बुक कराने पर इसकी सुविधा दे रहा था। अब यह टिकट काउंटर से लिए जाने वाले टिकट पर भी लागू होगा। बस लोगों को आरक्षण फार्म में जोड़े गए अतिरिक्त कॉलम में एनओएसबी लिखना होगा।
रेलवे 5-12 साल की उम्र तक के बच्चों को सीट मुहैया कराने पर पूरा किराया वसूलता है। अगर इस उम्र के बच्चों को हॉफ टिकट पर यात्रा करानी हो तो सीट नहीं दी जाती है। इसी को ध्यान में रख रेलवे ने आरक्षण फार्म में भी बदलाव किया है।
रेलवे बोर्ड ने मुख्य वाणिज्यिक प्रबंधक को बदलाव करने के निर्देश दे दिए हैं। रेलवे इस नियम में बदलाव से औसतन 228 करोड़ रुपये अधिक की कमाई कर रहा है। इससे पहले जहां बच्चों की टिकट से प्रतिवर्ष 686 करोड़ की कुल आय होती थी, यह बढ़कर 914 करोड़ रुपये तक हो गई।