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रेलवे का बड़ा एलान: ट्रेनें बंद करने का नहीं है कोई प्लान, गर्मियों की छुट्टियां और त्योहार के कारण बढ़ रहे यात्री

Fri, 09 Apr 2021 07:33 PM IST
Harendra Chaudhary राहुल संपाल, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेस को संबोधित करते हुए रेलवे बोर्ड के चैयरमेन सुनीत शर्मा ने कहा कि लॉकडाउन के डर से मजदूर पलायन नहीं कर रहे हैं। जबकि हर वर्ष की तरह गर्मियों की छुट्टियों और त्योहार के चलते यात्री सफर कर रहे हैं...
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भारतीय रेल - फोटो : PTI (फाइल फोटो)
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विस्तार
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देश में एक बार फिर से कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। रेलवे स्टेशनों से लेकर बस स्टेशनों पर भी यात्रियों की भीड़ देखने को मिल रही है। ऐसे में रेल सेवाओं को लेकर रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सुनीत शर्मा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ‘ट्रेन सेवा घटाने या बंद करने की कोई योजना नहीं है। जितनी ट्रेनों की जरूरत होगी, उतनी ट्रेनें चलाने के लिए हम तैयार हैं। इस बारे में किसी प्रकार की चिंता करने की कोई वजह नहीं है। अगर भीड़ बढ़ती है तो मांग के अनुसार रेलवे ट्रेन चलाने में सक्षम है।’

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शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेस को संबोधित करते हुए रेलवे बोर्ड के चैयरमेन सुनीत शर्मा ने कहा कि लॉकडाउन के डर से मजदूर पलायन नहीं कर रहे हैं। जबकि हर वर्ष की तरह गर्मियों की छुट्टियों और त्योहार के चलते यात्री सफर कर रहे हैं। इन महीनों में रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की संख्या सामान्य देखी गई, हम जरूरत के अनुसार ट्रेनों की संख्या बढ़ाएंगे।

क्या सफर से पहले कोरोना निगेटिव रिपोर्ट जरूरी होगी? इस सवाल का जवाब उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों के ज्यादा संख्या होने की वजह से हम कोरोना वायरस से संक्रमित ना होने की पुष्टि करने वाली रिपोर्ट नहीं मांग सकते। हालांकि उत्तराखंड और ओडिशा की राज्य सरकारों ने यहां आने वाले यात्रियों से कोरोना संक्रमित नहीं होने की रिपोर्ट मांगी है। अन्य राज्यों की तरफ से हमें अभी तक कोई सूचना नहीं मिली है। हालांकि देश के सभी स्टेशनों पर यात्रियों को कोविड-19 प्रोटोकॉल से जुड़े स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर का पालन करना होगा।
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उन्होंने आगे कहा कि महाराष्ट्र व अन्य राज्यों में जिन मजदूरों के पलायन की बात कही जा रही है, वह पलायन नहीं है बल्कि ये रेलवे के सामान्य यात्री हैं। शहरों में लगने वाले नाइट कर्फ्यू से बचने के लिए ये जल्दी स्टेशन पहुंच जाते हैं, जिसकी वजह से भीड़ दिखाई दे रही है। वहीं महाराष्ट्र में ट्रेनों की आवाजाही रोकने या कम करने के लिए अभी तक कोई आधिकारिक परिपत्र नहीं मिला है। देशभर में जो लोग यात्रा करना चाहते हैं उनके लिए ट्रेनों की कोई भी कमी नहीं है। गर्मियों को देखते हुए राज्यों से 'समर स्पेशल ट्रेनें' भी जल्द शुरू की जाएंगी। वहीं, राज्यों की मांगों के अनुसार भी ट्रेनें चलाईं जाएंगी।

रेलवे की तरफ से अभी हर दिन औसतन 1402 ट्रेनें संचालित हो रही हैं। इसी के साथ 5381 सबअर्बन ट्रेनें चल रही हैं। क्लोन ट्रेनों के रूप में 28 स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। इन सबके बीच यात्रियों की सुविधा को देखते हुए 830 सवारी गाड़ियां चलाई जा रही हैं।

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