लॉकडाउन के कारण बंद ट्रेनों में से कुछ और ट्रेन पटरी पर लौट सकती हैं। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनोद कुमार यादव ने कहा कि राज्य यदि स्पेशल ट्रेन के अलावा अन्य ट्रेन चलाने की मांग करते हैं तो ट्रेन चलाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार के अनुरोध पर आवश्यक सेवाओं से जुड़े नागरिकों के लिए उपनगरीय सेवाएं शुरू की गई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाने के लिए भी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखा गया है।
रेलवे ने लॉकडाउन में एक मई से अब तक 60 लाख प्रवासी मजदूरों को उनके घरों तक पहुंचाया है। इससे उसे 360 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने कहा कि रेलवे ने अब तक 4450 श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाई है। उन्होंने कहा कि श्रमिक स्पेशल ट्रेन का औसत किराया 600 रुपये प्रति सवारी है। हमें संचालन लागत के तौर पर केवल 15 फीसदी ही प्राप्त हुए हैं।
आवश्यक सेवा के लिए 230 स्पेशल ट्रेन के अलावा ट्रेन चली तो पहचान पत्र से ही सफर करने की अनुमति मिलेगी। ई-पास जारी किया जाएगा। ट्रेन में अमूमन 1200 यात्री सफर करते है, लेकिन इस ट्रेन में 700 यात्री सफर करेंगे।
रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने कहा कि असिस्टेंट लोको पायलट व तकनीशियन का पद जल्द भरा जाएगा। इन 64,371 पदों के लिए 48 लाख आवेदन मिला था। नियुक्ति के साथ प्रशिक्षण भी देना पड़ता है इसी वजह से देरी हो रही है। नॉन टेकनिकल पॉपुलर कैटगरी में 35,200 पदों के लिए 1.60 लाख आवेदन मिले हैं और इस पर भी काम चल रहा है।