दिल्ली-देहरादून शताब्दी एक्सप्रेस और कोलकाता के पूर्वी व दक्षिण-पूर्वी रेलवे के जोनल आफिस में आग लगने की घटना के बाद से भारतीय रेलवे ट्रेनों और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर बेहद सतर्क हो गया है। इसी दिशा में रेलवे ने अपनी अग्नि सुरक्षा प्रणाली को दुरुस्त करने का फैसला लिया है।
रेलवे के एक अधिकारी ने अमर उजाला को बताया कि ट्रेनों में ब्रेक बाइंडिंग या किसी कारण से आग लगने पर तुरंत बचाव का तरीका निकाल लिया गया है। रेलवे ने राजधानी, शताब्दी और सभी प्रीमियम ट्रेनों के एसी कोच में एडवांस मल्टी लेवल फायर डिटेक्शन सिस्टम लगाए हैं। आग लगने की स्थिति में कोच में जैसे ही धुंआ उठेगा, एडवांस फायर सिस्टम अपना काम शुरू कर देगा। कोच में हूटर बजने लगेगा, जिससे यात्री सतर्क हो जाएंगे। धुआं अधिक होने पर या लपटें बढ़ने पर ट्रेन में स्वत: ब्रेक लग जाएगा ताकि यात्री कोच के बाहर उतर सकें।
उन्होंने कहा कि ट्रेनों के सभी एसी कोच, पेंट्री कार, पावर कार में एडवांस फायर फाइटिंग सिस्टम लगाए गए हैं। पूरे सिस्टम को ट्रेन के पावर कार में स्थापित सेंट्रल मॉनिटरिंग सिस्टम से जोड़ा गया है। हर ट्रेन में सेंट्रल मॉनिटरिंग सिस्टम की निगरानी के लिए दो तकनीकी कर्मचारी तैनात किए गए हैं। गौरतलब है कि दिल्ली से देहरादून जा रही शताब्दी एक्सप्रेस की चेयर कार कोच सी-5 में अलार्म (स्मोक डिटेक्टर) बजने के बाद ही ट्रेन की चेन खींच दी गई और यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया था।