रेलवे बोर्ड ने खराब मालगाड़ी डिब्बों के निर्माण और संचालन को मंजूरी देने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया है। बोर्ड ने इसे उनकी लापरवाही माना, जिसके कारण इस साल 19 सितंबर को एक मालगाड़ी पटरी से उतर गई थी।इस घटना के बाद रेलवे की सार्वजनिक क्षेत्र की इकाई ब्रेथवेट एंड कंपनी लिमिटेड की ओर से निर्मित 900 ऐसे वैगनों की जांच शुरू हो गई है।
बोर्ड को संदेह है कि इन सभी डिब्बों में समान प्रकार की गड़बड़ी हो सकती है। बोर्ड ने 12 दिसंबर को अनुसंधान अभिकल्प और मानक संगठन (आरडीएसओ) के महानिदेशक को पत्र लिखकर कहा कि पटरी से उतरने के मामले में वैगन और उसके बोगियों के कुछ घटक निर्धारित सीमा से बाहर पाए गए थे। जांच में भी यह दोष सही पाया गया।
रेलवे बोर्ड ने आरडीएसओ के गुणवत्ता आश्वासन (एक्यूए) अधिकारियों, रूटीन ओवरहॉलिंग (आरओएच) और तटस्थ नियंत्रण संगठन (एनसीओ) के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने और उनके खिलाफ अनुशासन एवं अपील (डीएंडए) नियमों के तहत कार्रवाई शुरू करने को कहा है।
बोर्ड ने इन खराब वैगनों को पहचानने और उन्हें सुधारने के लिए एक कार्ययोजना भी सुझाई है। मरम्मत संभव न हो तो वैगनों को ब्रेथवेट को वापस सौंप दिया जाएगा और कंपनी बिना किसी वित्तीय बोझ के रेलवे को नया वैगन प्रदान करेगी। इसके अलावा बेहतर निगरानी के लिए वैगनों पर एक अद्वितीय पहचान संख्या अंकित करने का भी निर्देश दिया गया है।