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Year Ender 2022: गुजरात में भाजपा के रिकॉर्ड से लेकर पंजाब में कांग्रेस के सफाए तक, पढ़ें पांच सियासी उलटफेर

Mon, 19 Dec 2022 09:19 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

2022 में भी देश की राजनीति में गर्माहट लगातार बनी रही। साल की शुरुआत में जहां आम आदमी पार्टी ने पंजाब में जहां कांग्रेस का सफाया कर दिया। वहीं, साल खत्म होते-होते गुजरात विधानसभा चुनावों में भाजपा ने सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड भी बनाया। इस बीच, महाराष्ट्र, बिहार, मणिपुर में भी सियासत गर्म रही। पढ़िए पूरी रिपोर्ट...
 
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2022 के सियासी उलटफेर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अच्छी-बुरी यादों के साथ वर्ष 2022 खत्म हो गया। अब नया साल 2023 नई आशाओं को लिए शुरू हो रहा है। लेकिन अगर इस बीते हुए साल पर एक नजर डालें तो भारतीय राजनीति में इस साल ऐसा बहुत कुछ हुआ जिनके बारे में कई सालों तक कहा सुना जाएगा। इस साल के शुरुआत में ही पांच राज्यों में चुनाव हुए। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर के चुनाव परिणाम देश की राजनीति के लिए एक नई दिशा बने। पंजाब में आम आदमी पार्टी ने विपक्ष का सफाया कर दिया। गोवा और मणिपुर में भी भाजपा सत्ता में आई। वहीं, साल खत्म होते होते दो और राज्यों हिमाचल प्रदेश और गुजरात में नई सरकार बनी। भाजपा ने जहां गुजरात में रिकॉर्ड जीत दर्ज की वहीं, हिमाचल में रिवाज बरकरार रहा। वहीं, इसी साल कांग्रेस को 24 साल बाद गांधी परिवार से बाहर का अध्यक्ष मिला। आइए जानते हैं 2022 में भारतीय राजनीति में हुए सियासी उलटफेरों के बारे में...   

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भाजपा - फोटो : PTI
चार राज्यों में भाजपा की वापसी तो पंजाब में कांग्रेस का हुआ सफाया
साल के शुरुआत में हुए पांच राज्यों में आए परिणामों नें लोगों को चौंका दिया था। पांच राज्यों में हुए चुनावों में चार में जहां भाजपा ने अपनी वापसी की थी। वहीं, पंजाब में कांग्रेस का सफाया हो गया था। उन चुनावों में सबकी निगाहें उत्तर प्रदेश पर थी। लोगों को लग रहा था कि उत्तर प्रदेश में उलटफेर होगा, लेकिन नतीजों ने सबको चौंका दिया था। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में एक बार फिर से राज्य में भाजपा ने सत्ता पर कब्जा जमाया था। वहीं, उत्तरखंड, मणिपुर और गोवा में भी भाजपा अपनी सरकार बनाने में सफल रही। वहीं, पंजाब विधानसभा चुनाव के परिणाम अप्रत्याशित थे। पंजाब में सत्तारूढ़ कांग्रेस को शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा था। राज्य में  चमत्कारिक तरीके से आम आदमी पार्टी ने 117 सीटों में से 92 सीटों पर जीत हासिल की थी। 
 

एकनाथ शिंदे, देवेंद्र फडणवीस - फोटो : अमर उजाला
महाराष्ट्र में उद्धव आउट शिंदे इन
इस साल महाराष्ट्र की राजनीति में भी जमकर बवाल हुआ। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में चल रही महाविकास अघाड़ी की सरकार अपने कार्यकाल के अधर में ही पटरी से उतर गई। लंबे समय तक राज्य में चली सियासी उठापटक की शुरुआत तब हुई जब शिवसेना के कद्दावर नेता और उद्धव सरकार में मंत्री एकनाथ शिंदे ने पार्टी के 28 विधायकों को लेकर गुजरात में डेरा डाल दिया। जहां से बाद में सभी विधायक गुवाहाटी शिफ्ट किए गए। शुरुआत में तो उद्धव खेमे ने उनको मनाने की कोशिश की, लेकिन आखिर में शिवसेना में दरार पड़ी और उद्धव ठाकरे सत्ता से आउट हुए। इसके बाद शिवसेना के बागी एकनाथ शिंदे ने भाजपा के सहयोग से राज्य में अपनी सरकार बना ली। गौरतलब है कि पार्टी के नाम और निशान के लिए दोनों गुटों में अभी भी कानूनी लड़ाई जारी है। 

नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव - फोटो : अमर उजाला
बिहार में नीतीश ने भाजपा का छोड़ा दामन
बिहार की राजनीति में हमेशा गर्माहट बनी ही रहती है। हालांकि साल 2022 में इस गर्माहट ने भाजपा और जदयू के रिश्तों को तब पिघला दिया जब नीतीश कुमार ने भाजपा का पल्ला छोड़कर लालू प्रसाद यादव की पार्टी आरजेडी का दामन थाम लिया। नीतीश ने एक ही चाल में सत्ता में अपनी सहयोगी भाजपा को विपक्ष में धकेलते हुए पूरी कैबिनेट भंग करके महागठबंधन बना कर दोबारा सीएम पद की शपथ ली। नीतीश की नई कैबिनेट में तेजस्वी जहां डिप्टी सीएम और उनके बड़े भाई तेज प्रताप यादव कैबिनेट मंत्री बने।   

कांग्रेस - फोटो : सोशल मीडिया
गुजरात में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत, हिमाचल में कांग्रेस
साल के आखिरी माह दिसंबर में हुए दो राज्यों के विधानसभा चुनावों में भी चौंकाने वाले नतीजे देखने को मिले। हिमाचल प्रदेश के लोगों ने जहां रिवाज को बरकरार रखते हुए सत्तारूढ़ भाजपा को गद्दी से बाहर का रास्ता दिखाया वहीं, कांग्रेस को पूर्ण बहुमत दिया। वहीं गुजरात में भारतीय जनता पार्टी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की। पार्टी ने 182 में से 157 सीटों पर जीत दर्ज कर इतिहास बनाया। गुजरात के इतिहास में यह पहली बार था जब किसी राजनैतिक पार्टी को इतनी बड़ी जीत मिली थी।  
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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार - फोटो : सोशल मीडिया
मणिपुर में जदयू के विधायकों ने बदला पाला
इसी साल मणिपुर में बिहार के सीएम नीतीश कुमार की पार्टी जदयू को करारा झटका लगा। यहां जनता दल यूनाईटेड (जदयू) के पांच विधायकों मे पाला बदलते हुए सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थामा। मणिपुर विधानसभा के सचिव के मेघजीत सिंह ने इस संबंध में बयान जारी कर इसकी जानकारी दी थी। गौरतलब है कि जदयू ने इस साल मार्च में हुए विधानसभा चुनाव में 38 में से छह सीटों पर जीत हासिल की थी।
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