उल्लेखनीय है कि इससे पहले 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय वायुसेना के ऑपरेशन ‘सफेद सागर’ में शामिल फ्लाइट लेफ्टिनेंट नचिकेता 27 मई, 1999 को मिग-27 उड़ा रहे थे। दुश्मन पर हमले के दौरान विमान के इंजन में खराबी आ गई और आग लग गई।
ऐसे में उन्हें पैराशूट की सहायता से विमान छोड़ कर उतरना पड़ा। इस दौरान विमान क्रैश हो गया और वे पाकिस्तान की सरहद स्कर्दू क्षेत्र में सुरक्षित उतरे। जहां उन्हें पाकिस्तान की सेना ने हिरासत में लिया।
इस दौरान भारतीय वायुसेना की खुफिया जानकारियां हासिल करने के लिए उन्हें खूब प्रताड़ित किया गया लेकिन उन्होंने मुंह नहीं खोला। दबाव के चलते पाकिस्तान ने उन्हें रेडक्रास सोसायटी को सौंप दिया। घटना के एक सप्ताह बाद तीन जून को वे भारत वापस लौटे। युद्ध के दौरान किसी भारतीय पायलट के पाकिस्तान की सीमा में जाने का यह दूसरा अवसर था।
21 जून, 1983 को पैदा हुए 35 वर्षीय विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई के पास सेलायुर इलाके रहने वाले हैं। साल 2004 में उनकी भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर के पद पर नियुक्ति हुई थी। अभिनंदन वर्तमान के पिता रिटायर्ड एयर मार्शल एस.वर्तमान भी इंडियन एयर फोर्स में देश की सेवा और सुरक्षा कर चुके हैं।
विंग कमांडर ने पूछा, क्या मैं पाक सेना के कब्जे में हूं
पाकिस्तान की तरफ से एक वीडियो जारी किया गया है। इस वीडियो में विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान के होने का दावा किया जा रहा है। जारी वीडियो में पकड़ा गया शख्स भारतीय वायुसेना की वर्दी पहने हुए है। कह रहा है कि उसका नाम विंग कमांडर अभिनंदन है और उसका सर्विस नंबर 27981 है। मैं एक फ्लाइंग पायलट हूं और मेरा धर्म हिंदू है।
अधिक जानकारी देने के नाम पर उसने बात करने से मना कर दिया और कहा, मुझे क्षमा करें, मैं आपको इतनी ही जानकारी दे सकता हूं। इसके साथ ही उसने पाकिस्तानी सेना से सवाल पूछते हुए कहा कि क्या मैं पाकिस्तानी सेना के कब्जे में हूं?