चार पी-8आई विमानों वाली अपनी दूसरी एयर स्क्वाड्रन को नौसेना मंगलवार को मोर्चे पर तैनात कर दी। इसके साथ ही हिंद महासागर क्षेत्र में नौसेना की टोही क्षमता में जबरदस्त इजाफा हुआ। पी-8आई विमान लंबी दूरी वाले समुद्री टोही विमान हैं।
अधिकारियों ने बताया कि भारतीय नौसेना की एयर स्क्वाड्रन 316 (आईएनएएस 316) को गोवा में डाबोलिम के पास एक नौसेना हवाई स्टेशन आईएनएस हंसा में नौसेना प्रमुख आर हरि कुमार की मौजूदगी में कमीशन में शामिल किया गया। भारतीय नौसेना की एयर स्क्वाड्रन 316 बहु भूमिका वाले लंबी दूरी के समुद्री टोही विमान पी-8 आई विमानों और पनडुब्बी रोधी जंगी जहाजों का संचालन करेगी।
चीन के हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ते दखल की चिंताओं के बीच इस नई स्क्वाड्रन को तैयार किया गया है। पी-8आई विमानों में दो जेट इंजन हैं और इसे हवा से जहाज पर वार करने वाले मिसाइल और टोरपीडोस से लैस किया जा सकता है। नौसेना ने आठ पी-8आई विमानों की पहली खेप 2013 में प्राप्त की थी। इन्हें तमिलनाडु के अराक्कोनम में आईएनएस रजाली पर तैनात किया गया है।
बड़ी उड़ान वाले पक्षी पर दिया नाम
आईएनएएस 316 को दुनिया के सबसे बड़े उड़ने वाले पक्षियों में से एक के बाद ‘द कोंडोर्स’ नाम दिया गया है। स्क्वाड्रन का प्रतीक चिह्न एक कोंडोर को समुद्र के नीले विस्तार में खोजते हुए दर्शाता है।