फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Indian Navy: नौसेना को परमाणु हथियारों से लैस छह पनडुब्बियों की जरूरत, सरकार से मांगी इजाजत

Tue, 18 May 2021 01:11 PM IST
दीप्ति मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारतीय नौसेना ने प्रशांत महासागर में बदलते रणनीतिक परिदृश्य को देखते हुए कैबिनेट कमेटी ऑफ सिक्योरिटी (सीसीएस) की ओर से अनुमोदित 30 वर्षीय पनडुब्बी निर्माण योजना में बदलाव करने के लिए केंद्र सरकार से इजाजत मांगी है।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : social media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देशों के साथ जारी तनाव के बीच देश की तीनों सेनाएं अपने-अपने मोर्चें पर मजबूती से डटी हुईं हैं। इस बीच, भारतीय नौसेना को परमाणु हथियारों से लैसे छह पनडुब्बियों की जरूरत है। भारतीय नौसेना ने प्रशांत महासागर में बदलते रणनीतिक परिदृश्य को देखते हुए कैबिनेट कमेटी ऑफ सिक्योरिटी (सीसीएस) की ओर से अनुमोदित 30 वर्षीय पनडुब्बी निर्माण योजना में बदलाव करने के लिए केंद्र सरकार से इजाजत मांगी है। नौसेना छह पारंपरिक हमले वाले जहाजों को परमाणु संचालित प्लेटफार्मों के साथ बदलना चाहती है। 

विज्ञापन


एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई, 1999 में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने 24 डीजल हमले वाली पनडुब्बियों को शामिल करने के लिए 30 वर्षीय पनडुब्बी योजना को मंजूरी दी थी। भारतीय नौसेना के पास इस समय 12 पुरानी पारंपरिक हमलावर पनडुब्बियां और तीन नई कलवरी श्रेणी की पनडुब्बियां हैं। इनमें से पहली को दिसंबर 2017 में 23,652 करोड़ रुपये की परियोजना के हिस्से के रूप में कमीशन किया गया था। आपको बता दें कि 2005 में इसकी स्वीकृति दी गई थी।

नौसेना ने 18 पारंपरिक डीजल हमले की पनडुब्बियों की जगह नए पनडुब्बी बल को शामिल करने की अनुमति देने के लिए कैबिनेट की मंजूरी मांगी है। इनमें वायु स्वतंत्र प्रणोदन और छह परमाणु हमले वाली पनडुब्बी या एसएसएन शामिल हैं। यह परिवर्तन चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी नेवी द्वारा परमाणु पनडुब्बी शस्त्रागार की तीव्र वृद्धि को ध्यान में रखते हुए और हिंद-प्रशांत को भविष्य में विरोधी के वर्चस्व से बचाने के लिए मांगा गया है।
विज्ञापन


परियोजना को पूरा करने में लगेंगे 10 साल
राष्ट्रीय सुरक्षा योजनाकारों के अनुसार, अगर मोदी सरकार 30 साल पुरानी योजना में बदलाव को मंजूरी दे देती है तो भारतीय नौसेना संयुक्त विकास के लिए प्रमुख सहयोगियों से प्रस्तावों के लिए निविदा आमंत्रित करने से पहले आवश्यकता की स्वीकृति (एओएन) के लिए रक्षा मंत्रालय का रुख करेगी। आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत छह परमाणु संचालित पनडुब्बियों का निर्मा होगा। भारतीय नौसेना के अनुमान के अनुसार इस परियोजना को पूरा होने में कम से कम 10 साल लगेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें