चक्रवातीय तूफान गाजा तमिलनाडु के तटों तक पहुंच गया है। इस बीच भारतीय नौसेना को दक्षिण तमिलनाडु और पुडुचेरी के तटों की ओर बढ़ रहे गाजा चक्रवाती तूफान को देखते हुये बुधवार को हाई अलर्ट कर दिया गया। तिरुवरूर, नागापटनम और कुड्डालोर जिले में भी सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए गए हैं।
"गाजा चक्रवात पर चेन्नई के अतिरिक्त सचिव, राजस्व और प्रशासन का कहना है कि 4 एनडीआरएफ की टीम और 4 टीएनडीआरएफ की टीमों को नागापटनम में तैनात किया गया है। लोगों की जरूरतों पर प्रतिक्रिया देने के लिए हमने 380 कर्मी तैनात किए हैं। इसके अलावा हमने जनावरों को बचाने के लिए भी 159 कर्मी तैनात किए हैं।"
आपात स्थिति में इन नंबरों पर फोन कर सकते हैं
तिरुवरूर जिले के कलेक्टर एल निर्मलराज ने लोगों से कहा है कि आश्रयों का प्रयोग करें। कलेक्टर ने लोगों से टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1077 पर फोन करने को भी कहा है। इसके साथ ही लोग आपात स्थिति में लैंडलाइन नंबर 04366-226040, 226050, 226080 और 226090 पर भी फोन कर सकते हैं। कुड्डालोर जिला प्रशासन ने एक एफएम रेडियो चैनल (107.8) भी लांच किया है। ताकि अगर संचार के बाकी साधन काम करना बंद कर दें तो लोगों को इसके माध्यम से सूचना दी जा सके।
जानकारी के अनुसार गाजा अभी चेन्नई के उत्तरपूर्व से करीब 370 किमी दूर है। वहीं यह नागापटनम के पूर्व-उत्तरपूर्व से 370 किमी की दूरी पर है। साथ ही संभाना है कि 15 नवंबर की शाम चक्रवात 'गाजा' के कुड्डालोर जिले और रामनाथपुरम जिले के पंबन के बीच 80-90 किमी की रफ्तार के साथ भूस्खलन हो सकता है।
गाजा चक्रवात पर आपदा प्रबंधन के विशेष अधिकारी गगनदीप सिंह बेदी ने कहा, "यह संभावना है कि गाजा चक्रवात से आज रात भूस्खलन हो सकता है। ऐसा तमिलनाडु के नागापटनम जिले के कुड्डालोर के उत्तर में हो सकता है। लोगों को इसके लिए तैयार रहना चाहिए। इस संबंध में सरकार सभी बेहतर प्रयास कर रही है।"
नौसेना अधिकारियों ने बताया कि पूर्वी नौसेना कमान (ईएनसी) ने आवश्यक मानवीय सहायता मुहैया कराने के लिए उच्च स्तरीय तैयारी की है। तूफान बृहस्पतिवार शाम में दोनों राज्यों के तटीय क्षेत्रों को पार कर सकता है।
नौसेना के एक अधिकारी ने बताया, ‘दो भारतीय नौसैनिक जहाज रणवीर और खंजर मानवीय सहायता और संकट राहत के लिए सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए खड़े हैं।’ उन्होंने बताया कि इन जहाजों में अतिरिक्त गोताखोर, डॉक्टर, हवा वाली रबड़ की नाव, हेलीकॉप्टर और राहत सामग्री तैयार है।