भारतीय नौसेना का आईएनएस संध्याक समुद्र में गहराई नापने, नक्शे बनाने और जरूरत पड़ने पर राहत-बचाव का काम करने में भी सक्षम है। इस जहाज में एक हेलिकॉप्टर और छोटा अस्पताल भी है। मलयेशिया दौरे में भारतीय और मलयेशियाई नौसेना के अफसर मिलकर अनुभव साझा करेंगे और एक-दूसरे की तकनीक से सीखेंगे।
भारतीय नौसेना का नया सर्वे जहाज आईएनएस संध्याक पहली बार मलयेशिया के पोर्ट क्लांग पहुंचा है। इस दौरान भारत और मलेशिया के बीच समुद्री सर्वे और तकनीक को लेकर सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी। आईएनएस संध्याक पूरी तरह से भारत में बनाया गया है।
यह जहाज समुद्र में गहराई नापने, नक्शे बनाने और जरूरत पड़ने पर राहत-बचाव का काम करने में भी सक्षम है। इस जहाज में एक हेलिकॉप्टर और छोटा अस्पताल भी है। मलयेशिया दौरे में भारतीय और मलयेशियाई नौसेना के अफसर मिलकर अनुभव साझा करेंगे और एक-दूसरे की तकनीक से सीखेंगे। यह दौरा प्रधानमंत्री के महासागर मिशन के तहत हो रहा है, जिसका मकसद पड़ोसी देशों के साथ मिलकर समंदर में शांति और विकास को बढ़ावा देना है। इस दौरे से भारत और मलयेशिया के बीच समुद्री दोस्ती और मजबूत होगी। बता दें कि आईएनएस संध्याक, पहला सर्वे वेसल लार्ज (एसवीएल) जहाज है। इसे 3 फरवरी, 2024 को नौसेना डॉकयार्ड, विशाखापत्तनम में भारतीय नौसेना में इसको शामिल किया गया था।
मजबूत हो रहे भारत-मलयेशिया के रिश्ते
भारत-मलयेशिया रक्षा संबंध पिछले कुछ वर्षों में सैन्य ट्रेनिंग से लेकर रक्षा उपकरणों की आपूर्ति और सुरक्षा संवादों तक लगातार मजबूत हुए हैं। भारतीय नौसेना के जहाज नियमित रूप से मलयेशिया के बंदरगाहों का दौरा करते हैं, जिससे दोनों नौसेनाओं को एक-दूसरे के साथ बातचीत और संबंधों को बढ़ावा मिलता है। भारत मलयेशिया में लैंगकॉवी अंतरराष्ट्रीय समुद्री और एयरोस्पेस प्रदर्शनी (एलआईएमए) और रक्षा सेवा एशिया (डीएसए) प्रदर्शनी में भी नियमित रूप से भाग लेता रहा है।