अमेरिकी एयरोस्पेस कंपनी बोइंग ने बुधवार को भारतीय नौसेना को 12वां पी-8-आई समुद्री गश्ती विमान सौंप दिया है। अपने आधिकारिक बयान में बोइंग ने बताया कि यह भारतीय रक्षा मंत्रालय के साथ 2016 में हुए अनुबंध के तहत वितरित किए गए चार अतिरिक्त विमानों में से चौथा विमान है। इससे पहले भारतीय नौसेना को 11वां पी8आई विमान अक्टूबर 2021 में मिला था।
2.42 बिलियन डॉलर में हुआ सौदा
15 मई 2013 को आया था पहला विमान
नवंबर 2019 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद ने बोइंग द्वारा निर्मित विमान की खरीद को मंजूरी दी थी। यह विमान लंबी दूरी की समुद्री निरानी करने में सक्षम है। 1 जनवरी 2009 को आठ विमानों के लिए लगभग 2.1 बिलियन अमेरिकी डॉलर के अनुबंध को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही भारतीय नौसेना पी-8 विमान के लिए पहली अंतरराष्ट्रीय ग्राहक बन गई। भारत में पहला विमान 15 मई 2013 को आया था।
क्या खासियत हैं विमान में
पी-8आई विमान लगभग 10 घंटे तक की उच्च गति और मजबूती के साथ तत्काल जवाबी प्रतिक्रिया देने में सक्षम है। इसके साथ ही भारत के विस्तारित क्षेत्रों पर नजर भी रखेगा। यह विमान लंबी दूरी की पनडुब्बी रोधी युद्ध, खुफिया निगरानी, सतह-विरोधी और व्यापक क्षेत्र, समुद्री और तटवर्ती अभियानों के समर्थन में टोही के लिए सुसज्जित है। इस विमान की खासियत है कि इसके संचार और सेंसर सूट में रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों और निजी निर्माताओं की ओर से विकसित किए गए स्वदेशी उपकरण भी शामिल हैं।
नए साल पर भी मिले थे दो विमान