पाकिस्तान के साथ 1971 में युद्ध के दौरान 'ऑपरेशन ट्राइडेंट' में भारतीय नौसेना की भूमिका और उपलब्धियों को याद करने के लिए आज नौसेना दिवस मनाया जा रहा है। इस मौके पर सीडीएस जनरल अनिल चौहान, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौहान और नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कीं। इस दौरान उन्होंने 1971 के युद्ध में ऑपरेशन ट्राइडेंट के तहत बमबारी और कराची बंदरगाह को नष्ट करने की शानदार उपलब्धि की सराहना की।
पहली बार राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के बाहर नौसेना दिवस समारोह मनाया जा रहा
इस साल पहली बार राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के बाहर नौसेना दिवस समारोह मनाया जाएगा। विशाखापत्तनम के समुद्र तट पर होने वाले कार्यक्रम में 'ऑपरेशनल डेमोंस्ट्रेशन' होगा। नौसेनाध्यक्ष एडमिरल आर हरि कुमार के नेतृत्व में नौसेना के जहाज, पनडुब्बियां और विमान भारत की समुद्री क्षमता और बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। भारतीय सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू विशिष्ट अतिथि के रूप में इस कार्यक्रम की गवाह बनेंगी।
दो सालों से कोरोना के चलते नहीं हो सका था नौसेना दिवस समारोह
बता दें कि पिछले दो वर्षों में कोरोना के चलते नौसेना दिवस समारोह में भव्य आयोजन नहीं किया जा सका था। लेकिन इस बार एक भव्य शो होने की उम्मीद है। पूर्वी नौसेना कमान (ENC), पश्चिमी नौसेना कमान (WNC) और दक्षिणी नौसेना कमान (SNC) के 15 से अधिक जहाज और 25 से अधिक विमान इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले हैं।
पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिणी कमान के विशेष बल भी हिस्सा लेंगे
कार्यक्रम में नौसेना की पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिणी कमान के विशेष बल भी हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम का समापन सूर्यास्त समारोह और लंगरगाह में जहाजों को रोशन करने के साथ होगा। उन्होंने बताया कि नौसेना दिवस समारोह का उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति नौसेना के योगदान को उजागर करना है।
नौसेना ने हमेशा दृढ़ता से की देश की रक्षा : मोदी
नौसेना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को नौसेना की सराहना करते हुए कहा कि इसने हमेशा ही दृढ़ता के साथ देश की रक्षा की है। साथ ही कठिन समय में भी अपनी मानवीय भावना के साथ अपनी अलग पहचान स्थापित की है। प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, सभी नौसैनिकों और उनके परिवारों को नौसेना दिवस पर शुभकामनाएं। भारत में हमें हमारे समृद्ध समुद्री इतिहास पर गर्व है। वर्ष 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में नौसेना की जीत और उसकी उपलब्धियों की याद में हर साल 4 दिसंबर को नौसेना दिवस मनाया जाता है। बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के दौरान भारतीय नौसेना ने ‘ऑपरेशन ट्राइडेंट’ के तहत पाकिस्तान के कराची बंदरगाह को तबाह कर दिया था। भारतीय नौसेना ने पाकिस्तान के गोला बारूद सप्लाई करने वाले पोत के साथ ही कई जहाज और तेल टैंकर ध्वस्त कर दिए थे।
पहली बार दिल्ली से बाहर आयोजन
नौसेना दिवस का आयोजन अभी तक नई दिल्ली में ही होता रहा है। पहली बार इस साल दिल्ली से बाहर आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में रामकृष्ण समुद्रतट पर इसका आयोजन किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इसमें मुख्य अतिथि रहीं। राष्ट्रपति की मौजूदगी में नौसेना ने अपने शौर्य का शानदार प्रदर्शन किया है। पनडुब्बी आईएनएस सिंधुकीर्ति और आईएनएस तरंगी पर खड़े होकर नौसैनिकों ने राष्ट्रपति को सलामी दी। सी किंग हेलिकॉप्टर, मारकोस (मैरीन कमांडोज), हॉक, मिग-29 जैसे लड़ाकू विमानों ने भी अपने प्रदर्शन से लोगों को अचंभित कर दिया।