फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कौन हैं कर्नल तरुणेंद्र प्रताप सिंह?: यूएन में भाषण नहीं, हाथों के निशान बने चर्चा का विषय; वीडियो वायरल

Sun, 08 Nov 2026 01:15 PM IST
अमन मौर्या न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

संयुक्त राष्ट्र में भारतीय सैन्य सलाहकार कर्नल तरुणेंद्र प्रताप सिंह की उपस्थिति ने इंटरनेट पर ध्यान खींचा है। उनके भाषण की बजाय उनके हाथों की उंगलियों के जोड़ों पर बने निशानों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया, जिसकी सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है।
विज्ञापन
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन के सैन्य सलाहकार कर्नल तरुणेंद्र प्रताप सिंह - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारतीय सैन्य सलाहकार कर्नल तरुणेंद्र प्रताप सिंह ने संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में अपनी मौजूदगी से सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचा है। हालांकि, चर्चा उनके भाषण की नहीं, बल्कि उनके हाथों की उंगलियों के जोड़ों पर दिखाई देने वाले निशानों की हो रही है। उनकी तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स ने इन निशानों को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दीं।
विज्ञापन


यूजर्स ने उंगलियों के जोड़ों पर मौजूद इन निशानों को वर्षों की कड़ी मेहनत, कठिन शारीरिक प्रशिक्षण और सैन्य सेवा के प्रति उनके समर्पण का प्रतीक बताया। लोगों ने उनके अनुशासन और प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए कहा कि ये निशान सशस्त्र बलों के कठिन जीवन और सैनिकों की दिनचर्या को दर्शाते हैं।
 
विज्ञापन


संयुक्त राष्ट्र में क्या बोले कर्नल?
संयुक्त राष्ट्र में शांति स्थापना अभियानों के सभी पहलुओं की व्यापक समीक्षा पर आयोजित वार्षिक परिचर्चा में भारत की ओर से स्थायी मिशन के सैन्य सलाहकार कर्नल तरुणेंद्र प्रताप सिंह ने बात रखी। परिचर्चा को संबोधित करते हुए कर्नल सिंह ने कहा कि बिना स्पष्ट परिचालन तर्क के चलाए जाने वाले शांति मिशन संसाधनों को बर्बाद करते हैं और विश्वसनीयता को कम करते हैं। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों को बेहतर संसाधनों से लैस, अधिक सुरक्षित और अधिक प्रतिनिधित्व वाला बनाने का आह्वान किया है।

कौन हैं कर्नल तरुणेंद्र प्रताप सिंह?
संयुक्त राष्ट्र में कर्नल तरुणेंद्र प्रताप सिंह को भारत के स्थायी मिशन के सैन्य सलाहकार के रूप में 20 फरवरी, 2026 को नियुक्त किया गया। वह अंतरराष्ट्रीय शांति स्थापना अभियानों और रक्षा मामलों से जुड़ी राजनयिक पहलों और चर्चाओं में योगदान देते हैं। यूएन में उन्होंने सार्वजनिक रूप से शांति सैनिकों की सुरक्षा को बेहतर बनाने और वैश्विक शांति स्थापना अभियानों में भारत की प्राथमिकताओं को और मजबूत करने की वकालत की।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें