कर्नाटक में पेट्रोल के अंदर तय सीमा से ज्यादा इथेनॉल मिलाने को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने रविवार को आरोपों का समर्थन करते हुए कहा कि राज्य में पेट्रोल पंपों पर निर्धारित मात्रा से अधिक इथेनॉल मिलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस मामले में संबंधित मंत्री को निर्देश दिए गए हैं। मंत्री सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले की जानकारी और दस्तावेज सार्वजनिक करेंगे।
पत्रकारों से बातचीत में शिवकुमार ने कहा कि वह यह मुद्दा राजनीतिक कारणों से नहीं उठा रहे हैं। उन्होंने कहा "यह विपक्षी पार्टी होने का मामला नहीं है। मैं आर अशोक की तरह विपक्ष के नेता के तौर पर यह बात नहीं कह रहा हूं।"
67 जगहों से लिए गए सैंपल, जांच 30% पूरी
मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार को उन 67 स्थानों की जानकारी दी गई है, जहां से पेट्रोल के नमूने लिए गए हैं। मामले की जांच जारी है और करीब 30 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। शिवकुमार के मुताबिक, शिकायतें मिली हैं कि हजारों वाहन पेट्रोल की वजह से परेशानियों का सामना कर रहे हैं। गाड़ियों के इंजन बार-बार बंद हो रहे हैं और माइलेज भी कम हो गया है। उन्होंने दावा किया कि जांच में पेट्रोल पंपों पर ही इथेनॉल की मिलावट होने की बात सामने आई है। उनके मुताबिक, जहां पेट्रोल का वितरण किया जा रहा है, वहीं मिश्रण किया जा रहा है और सरकार के पास इससे जुड़े दस्तावेज मौजूद हैं।
केंद्र ने 893 सैंपल को बताया मानकों के अनुरूप
कर्नाटक सरकार के आरोपों के बीच केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा है कि 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सरकारी तेल कंपनियों की ओर से लिए गए E20 पेट्रोल के सभी 893 नमूने निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पाए गए हैं।
यह स्पष्टीकरण कर्नाटक के खाद्य, नागरिक आपूर्ति, उपभोक्ता मामले और कानूनी माप विज्ञान विभाग के उस दावे के बाद आया, जिसमें कहा गया था कि राज्य के कुछ पेट्रोल पंपों पर बिकने वाले पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा 26 से 31 प्रतिशत तक पाई गई।
तेल कंपनियों ने कहा- मिश्रण की प्रक्रिया ऑटोमैटिक
तीन सरकारी तेल कंपनियों- इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने कहा है कि इथेनॉल मिलाने की प्रक्रिया नियंत्रित और स्वचालित है। यह निर्धारित कानूनी दिशा-निर्देशों के तहत होती है, इसमें हाथ से मिलावट नहीं की जाती।
कर्नाटक के आरोपों पर केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने भी पहले प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि केंद्र सरकार ने 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण को वैज्ञानिक साक्ष्यों और तकनीकी आकलन के आधार पर मंजूरी दी है।
गोपी ने कहा था कि फिलहाल 20 प्रतिशत मिश्रण को मंजूरी दी गई है और तकनीकी संभावनाओं का आकलन करते हुए इसे धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि वैज्ञानिक और तकनीकी मुद्दों को राजनीतिक मकसद से तोड़-मरोड़कर पेश नहीं किया जाना चाहिए।
कांग्रेस नेता ने 40% तक इथेनॉल मिलाने का लगाया आरोप
इस विवाद में कांग्रेस नेता और उत्तर प्रदेश के एआईसीसी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम भी शामिल हो गए हैं। उन्होंने भी कर्नाटक में E20 की तय सीमा से अधिक इथेनॉल मिलाने का आरोप लगाया। गौतम ने पेट्रोल पंप एसोसिएशन के एक प्रतिनिधि से मिली जानकारी का हवाला देते हुए दावा किया कि 20 प्रतिशत की निर्धारित सीमा के बावजूद कुछ जगहों पर 40 प्रतिशत तक इथेनॉल मिलाया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिक मात्रा में इथेनॉल मिलाने से गाड़ियों में खराबी आ रही है।