सार
बांग्लादेश में जारी अशांति के बीच कई भारतीय मेडिकल छात्र वहां फंसे हुए हैं। इसको लेकर ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AIMSA) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर चिंता जताई है। संगठन ने केंद्र सरकार से तुरंत हस्तक्षेप कर छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित भारत वापस लाने की मांग की है।
बांग्लादेश में जारी अशांति के बीच भारत के कुछ भारतीय मेडिकल छात्र अभी भी वहां फंसे हुए है। ऐसे में अब ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AIMSA) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर बांग्लादेश में फंसे भारतीय मेडिकल छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। संगठन ने केंद्र सरकार से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है।
पत्र में एसोसिएशन ने कहा कि बांग्लादेश में मौजूद भारतीय मेडिकल छात्र कठिन हालात में फंसे हुए हैं और उनकी सुरक्षा व भलाई को लेकर गंभीर चिंताएं हैं। संगठन ने प्रधानमंत्री से अपील की है कि छात्रों को सुरक्षित रखने और जरूरत पड़ने पर उन्हें भारत वापस लाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।
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All India Medical Students Association (AIMSA) writes to Prime Minister Narendra Modi.
"We respectfully seek your immediate and urgent intervention concerning the safety and well-being of Indian medical students currently stranded in Bangladesh," reads the letter
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छात्रों के परिवार में चिंता का माहौल
इसके साथ ही पीएम मोदी को लिखे पत्र में AIMSA ने यह भी कहा कि इन छात्रों के परिवार भारत में बेहद चिंतित हैं और सरकार से जल्द मदद की उम्मीद कर रहे हैं। इतना ही नहीं संगठन ने भरोसा जताया कि सरकार छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देगी और जल्द समाधान निकालेगी।
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बांग्लादेश में हिंसा का कारण
गौरतलब है कि बांग्लादेश एक बार फिर हिंसा की आग में जल रहा है। जिसका बड़ा कारण हाल ही में छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या बना। हादी की हत्या के बाद पूरे बांग्लादेश में हिंसा की आग में जल उठा, क्योंकि हादी सरकार विरोधी आंदोलनों का एक प्रमुख चेहरा थे, जिसके चलते पिछले साल शेख हसीना सरकार को सत्ता छोड़नी पड़ी थी। हालांकि इस हिंसा ने ज्यादा बड़ा रूप तब ले लिया जब इसी क्रम में हिंदू यूवा दिपु चंद्र दास की बेरहमी से हत्या कर दी गई और एक बार फिर सवाल बांग्लादेश में रह रहे सभी अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर खड़े होने लगे।